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सेहत की बात: काफी दर्दकारक होती है पाइल्स की समस्या, जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके

Mon, 21 Mar 2022 03:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पाइल्स की समस्या किसी को भी हो सकती है - फोटो : pixabay
Medically Reviewed By-
डॉ. विनय धीर
(चेयरमैन, इंस्टीट्यूट ऑफ डायजेस्टिव एंड लिवर केयर)
एस.एल.रहेजा.हॉस्पिटल (मुंबई)



बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान का असर हमारी पाचन शक्ति को प्रभावित करता है। यही कारण है कि पिछले कुछ ही वर्षों में पाचन सम्बन्धी समस्याओं से के मामले तेजी से बढ़े हैं। पाइल्स या बवासीर भी एक ऐसी ही समस्या है। शर्मिंदगी या हिचक के चलते लोग इसका जिक्र नहीं करते लेकिन असल में यह समस्या गंभीर हो सकती है। जरूरी यह है कि इसे छुपाने की बजाय तुरन्त इसे ठीक करने की ओर ध्यान दिया जाए।

चिकित्सा के क्षेत्र में हुए तकनीकी इनोवेशन ने पाल्स जैसी समस्याओं के लिए भी बहुत अच्छे इलाज उपलब्ध करवाए हैं। लेकिन समस्या का निवारण हो इसके लिए जरूरी है कि मरीज इलाज या सर्जरी के बाद भी अपना पूरा ध्यान रखें। यह याद रखिए कि चाहे आप हेल्दी हों या किसी समस्या का इलाज करवा रहे हों, सावधानी से खाना और अच्छा रूटीन रखना तो हमेशा ही जरूरी होता है। आइए जानते हैं कि बवासीर की समस्या की रोकथाम और इसे ठीक करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
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बवासीर क्यों होता है - फोटो : Pixabay
क्या है पाइल्स की समस्या?
पाइल्स असल में लोअर रेक्टम या गुदा मार्ग के आस-पास या उसके अंदर नसों में सूजन की समस्या है। इसके कारण तेज दर्द, शौच में तकलीफ और कई बार खून आने जैसे लक्षण हो सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो करीब 40 प्रतिशत लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है।

खान-पान की खराब आदत और जीवनशैली में अस्वस्थ परिवर्तनों के कारण कम उम्र में भी पाइल्स अब आम होने लगे हैं। कब्ज, डायरिया, गर्भावस्था आदि भी ऐसी स्थितियां हैं जो इस समस्या का कारण बन सकती हैं। क्योंकि इनकी वजह से पेट और मलद्वार पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसकी वजह से नसों में सूजन आ जाती है और बवासीर की स्थिति बन जाती है। 
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अस्वास्थ्यकर आहार से बढ़ सकती है पाइल्स की समस्या (सांकेतिक) - फोटो : Istock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार और जीवनशैली की गड़बड़ आदतें पाइल्स के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। केवल मिर्च युक्त तीखा खाना खाने से ही बवासीर होता है, यह गलत धारणा है। अगर आपका पाचन दुरुस्त है तो नियमित शौच में तकलीफ नहीं आएगी और नसों के सूजन की तकलीफ नहीं होगी। भोजन में फाइबर और खूब पानी पीने की आदत इस समस्या से बचाव में कारगर हो सकती है। रोजाना की डाइट में कम से कम 20-35 ग्राम फाइबर का होना जरूरी है। पत्तेदार सब्जियां, मोटा और साबुत अनाज, सलाद और फल इसमें मददगार हो सकते हैं।

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पाइल्स का घरेलू इलाज क्या है? - फोटो : iStock
कैसे पाएं बवासीर से आराम?
विशेषज्ञों के मुताबिक बवासीर के लक्षणों को कम करने में कोल्ड कम्प्रेस से राहत मिल सकती है। टॉयलेट सीट पर जरूरत से ज्यादा समय तक बैठने से भी पाइल्स की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से पाइल्स के अलावा अन्य संक्रमणों की आशंका भी बढ़ सकती है। पाइल्स के मामले में भी नियमित व्यायाम से न केवल समस्या से बचाव हो सकता है बल्कि समस्या पर नियंत्रण भी हो सकता है। व्यायाम की आदत से पाचन दुरुस्त रहता है, वजन संतुलित रहता है और कब्ज जैसी स्थिति नहीं बनती। 
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इलाज से ठीक हो सकता है पाइल्स - फोटो : iStock
बवासीर को कैसे ठीक किया जाता है?

पाइल्स केवल सर्जरी से ही ठीक होता है यह एक गलत धारणा है। शुरुआती स्तर पर इसे आसानी से केवल डाइट और जीवनशैली में परिवर्तन से ही नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार मात्र 10-15 प्रतिशत मामलों में ही सर्जरी की जरूरत होती है। कुछ स्थितियों में पाइल्स का इलाज बहुत आसानी और सहजता से एंडोस्कोपिक प्रणाली से किया जा सकता है। 
लोग अक्सर एक बार इलाज लेने या सर्जरी कराने के बाद यह सोचकर सारी सावधानी और परहेज को हटा देते हैं कि अब समस्या नहीं होगी, यह भी एक गलत धारणा है। ज्यादातर लोगों में इसी वजह से समस्या दोबारा भी पनप सकती है। इसलिए इलाज के दौरान और उसके बाद भी डॉक्टर से सलाह लेते रहें। 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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