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Health Research: वैज्ञानिकों ने सूअरों में विकसित किया लिवर, उम्मीद- इंसानों में भी नहीं पड़ेगी प्रत्यारोपण की जरूरत

Fri, 28 Aug 2020 01:10 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Liver Transplant - फोटो : UPMC/DailyMail
लिवर, शरीर के उन महत्वपूर्ण अंगों में से है, जिनके बिना व्यक्ति के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। कई बीमारियों में संक्रमण के कारण लिवर खराब हो जाएं तो इसके ट्रांसप्लांट यानी प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ती है। लेकिन आने वाले समय में उम्मीद है कि ऐसी जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने शरीर में ही लिवर विकसित करने में सफलता हासिल की है। फिलहाल उन्होंने सूअरों में ऐसा किया है और उनका दावा है कि जल्द ही ऐसा इंसानों में भी हो सकेगा और लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत नहीं पड़ेगी। आइए जानते हैं वैज्ञानिकों की इस कामयाबी और इससे जुड़ी उम्मीदों के बारे में: 
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liver - फोटो : Pixabay
  • डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने छह सूअरों के लिम्फ नोड में फुल साइज के लिवर विकसित करने में सफलता हासिल की है। ट्रायल के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि जानवर में अगर एक अंग किसी बीमारी के कारण खराब होना शुरू होता है तो भी ख्ह स्वस्थ रहता है और उनके शरीर में दूसरा अंग तैयार करने की क्षमता होती है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • वैज्ञानिकों का कहना है कि लिवर में खुद को विकसित करने की क्षमता होती है। उनके मुताबिक, अगर इसका एक हिस्सा ट्रांसप्लांट किया जाता है तो यह शरीर में ही एक पूर्ण लिवर के रूप में विकसित हो सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि शरीर में मौजूद लिम्फ नोड में लिवर कोशिकाओं को विकसित किया जा सकता है। कोशिकाएं संख्या बढ़ाती हैं और एक पूर्ण लिवर तैयार करती हैं।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
ऐसे सूअरों को चुना जिनके लिवर फेल हो चुके थे, मिली सफलता 
  • वैज्ञानिकों ने इस शोध के लिए छह ऐसे सूअरों को चुना, जिनके लिवर फेल हो चुके थे। उनकी ब्लड सप्लाई को डायवर्ट किया गया और शरीर में मौजूद बीमार लिवर कोशिकाओं का एक हिस्सा लिया गया, जिसे हिपैटोसायट्स भी कहते हैं। वैज्ञानिकों ने इन्हीं कोशिकाओं को सुअर के लिम्फ नोड में प्लांट किया।
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Liver Damage - फोटो : Goodtimes
  • शोध करने वालों में शामिल वैज्ञानिक डॉ. एरिक लागेस के मुताबिक, हिपैटोसायट्स को यदि सही जगह तक पहुंचाया जाए तो ये शरीर में ही नया लिवर विकसित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर छोटे-मोटे डैमेज, लिवर खुद ही रिपेयर कर लेता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, सूअर में विकसित हुए लिवर की जब कुछ समय बाद जांच की गई, तो पाया गया कि नया लिवर पुराने डैमेज हुए लिवर से अधिक बड़ा और ज्यादा विकसित था। 
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Liver - फोटो : Pixabay
  • लिवर ट्रांसप्लांटेशन जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, हेपेटाइटिस संक्रमण, अल्कोहल की आदत आदि कारणों से इंसानों में लिवर खराब हो जाता है। यह प्रयोग करने में वैज्ञानिकों को सालों लग गए। पहले ऐसा ही एक प्रयोग चूहों पर किया गया था, जो सफल रहा। लेकिन बड़े जानवर(सूअर) पर यह प्रयोग करने में 10 साल लग गए। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इंसानों में भी ऐसा संभव हो पाएगा।
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