फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अध्ययन: इस वैक्सीन के कारण युवाओं में बढ़ा हृदय रोग का खतरा, गंभीर स्थिति में हो सकती है मौत

Sun, 13 Jun 2021 04:33 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
कोरोना वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ वैक्सीनेशन को सबसे प्रभावी उपाय मानते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दुनियाभर में वैक्सीनेशन अभियान को तेज कर दिया गया है। भारत में मौजूदा समय में कोरोना की फिलहाल तीन वैक्सीन- कोविशील्ड, कोवैक्सीन और रूस द्वारा निर्मित स्पूतनिक उपलब्ध है। देश में 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इस बीच वैक्सीनेशन को लेकर प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इसके कुछ गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को सचेत किया है। वैज्ञानिकों ने बताया कि दुनिया की बड़ी आबादी को दी जा रही फाइजर वैक्सीन के कारण लोगों में तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही हैं। वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के दौरान फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन ले चुके युवाओं में हृदय से जुड़ी मायोकार्डिटिस बीमारी की पुष्टि की है। तो क्या फाइजर वैक्सीन के इस्तेमाल को तुरंत रोक देना चाहिए? जानिए इस बारे में वैज्ञानिकों की क्या राय है? 
विज्ञापन

2 of 6
युवाओं में देखी जा रही है हृदय से जुड़ी समस्याएं - फोटो : iStock
मायोकार्डिटिस के मामले सामने आए
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने एक अध्ययन में 30 वर्ष या उससे कम उम्र के लोगों में फाइजर वैक्सीन लेने के बाद मायोकार्डिटिस के 200 से अधिक मामलों की पुष्टि की है। वैक्सीनेशन के बाद युवाओं में देखी जा रही इस गंभीर समस्या के बारे में चर्चा करने के लिए सीडीसी की सलाहकार समिति ने 18 जून को आपात बैठक भी बुलाई है। गौरतलब है कि ब्रिटेन सहिए तमाम देशों में फाइजर वैक्सीन को प्रयोग में लाया जा रहा है।
विज्ञापन

3 of 6
फाइजर वैक्सीन के बाद मायोकार्डिटिस और पेरीकार्डिटिस की दिक्कत - फोटो : Social media
युवा हो रहे हैं ज्यादा शिकार
सीडीसी के टीकाकरण सुरक्षा कार्यालय के उप निदेशक डॉ टॉम शिमाबुकुरो कहते हैं, 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों में टीकाकरण के बाद मायोकार्डिटिस और पेरीकार्डिटिस के 226 मामलों की पुष्टि हुई है। क्या टीकाकरण के कारण ही यह बीमारी हो रही है? इस बारे में जानने के लिए और विस्तार से अध्ययन किया जा रहा है। सीडीसी के अधिकारियों ने बताया कि जिन युवाओं में इस तरह की शिकायतें देखी गई थीं, उनमें दवा के बाद फायदा भी देखा गया है। फिलहाल इन मामलों के आधार पर वैक्सीनेशन अभियान को रोकने की आवश्यकता नहीं है। आगे के अध्ययनों में इस संबंध में और विस्तार से जानने को मिल सकता है।

4 of 6
हृदय की मांसपेशियों में हो जाती है सूजन - फोटो : Social media
मायोकार्डिटिस क्या है?
मायोकार्डिटिस, हृदय की मांसपेशियों में सूजन का कारण बनने वाली समस्या है। डॉक्टरों के मुताबिक यह मांसपेशियां रक्त को पंप करके शरीर के बाकी हिस्सों में पहुंचाने का काम करती हैं। इनमें सूजन आ जाने की स्थिति में इसकी रक्त पंप करने की क्षमता कम हो जाती है। जिसके कारण दिल की धड़कन में असामान्यता, सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में यह रक्त के थक्कों का कारण बन सकता है जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण लोगों की जान भी जा सकती है।
विज्ञापन

5 of 6
कई देशों से सामने आ रहे हैं साइड-इफेक्ट्स के मामले - फोटो : social media
इजराइल में भी सामने आए हैं ऐसे मामले
सीडीसी रिपोर्ट के अलावा इज़राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी 275 ऐसे मामले दर्ज किए हैं जिनमें लोगों में वैक्सीन लेने के बाद हृदय संबंधी समस्याएं देखी गईं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक दिसंबर 2020 से मई 2021 तक करीब 5 मिलियन लोगों ने फाइजर-बायोएनटेक के टीके लिए थे जिनमें से 275 लोगों में इस तरह की शिकायत देखने को मिली है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कोविशील्ड वैक्सीन के भी सामने आए साइड-इफेक्ट्स - फोटो : PTi
कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर भी उठे सवाल
ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के अनुसंधानकर्ताओं के नेतृत्व में हुए अध्ययन में पाया गया कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के कारण रक्त में प्लेटलेट की कमी हो सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोविशील्ड वैक्सीन के कारण ऐसे मामले जरूर सामने आए हैं, हालांकि इसकी संख्या बहुत ही कम है। यह अध्ययन जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक यह स्थिति प्रति 10 लाख खुराक में करीब 11 लोगों में हो सकती है।  65 से 70 साल की आयु वाले लोगों (जिन्हें पहले से ही दिल की बीमारी, मधुमेह या किडनी की बीमारी) में इसका खतरा अधिक देखने को मिला है। 

--------------
स्रोत और संदर्भ: 
Myocarditis and Pericarditis Following mRNA COVID-19 Vaccination

अस्वीकरण नोट: यह लेख सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी)  द्वारा किए गएअध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बीमारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें