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Coronavirus Vaccine: भारत में कबतक आएगी ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन, कितनी होगी कीमत, लोगों को कैसे मिलेगी?

Wed, 22 Jul 2020 03:46 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Oxford vaccine Update - फोटो : Amar Ujala
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इसकी वैक्सीन तैयार करने की रेस में कई देश शामिल हैं। भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, चीन और रूस समेत अन्य देशों को भी इसमें सफलता मिलती दिख रही है। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार वैक्सीन भी इस रेस में आगे चल रही है। बीते सोमवार को इस वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के ह्यूमन ट्रायल में सफल होने की खबर आई। अगले चरण में बड़े पैमाने पर ह्यूमन ट्रायल की तैयारी है, जिसमें ब्रिटेन के अलावा ब्राजील, अमेरिका और फिर भारत में भी ट्रायल किया जाएगा। दूसरी ओर इसको लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं.... जैसे कि यह भारत में कबतक आएगी, लोगों को कैसे उपलब्ध कराई जाएगी, कीमत कितनी होगी...वगैरह। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से: 
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) की कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) का ट्रायल कामयाब होने के बाद इसके उत्पादन की तैयारी शुरू हो गई है। दुनिया की अग्रणी वैक्सीन निर्माता कंपनियों में शामिल भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला के मुताबिक, भारत में भी इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए कंपनी भारतीय औषधि महानियंत्रक को आवेदन करेगी।
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : social media
  • सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अदार पूनावाला ने मीडिया को बताया है कि इस वैक्सीन के उत्पादन के लिए एक झटके में 200 मिलियन डॉलर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि ये कारोबारी फैसला जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन इसकी जरूरत को देखते हुए यह फैसला किया गया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की यह वैक्सीन भारत में नवंबर तक आने की उम्मीद है। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
  • इसी हफ्ते मेडिकल जर्नल लांसेट मेडिकल जर्नल में वैक्सीन के ट्रायल के परिणाम प्रकाशित हुए हैं। इसमें कहा गया है कि वैक्सीन के ट्रायल के दौरान अच्छी प्रतिक्रिया मिली और यह किसी भी गंभीर साइड इफेक्ट का संकेत नहीं दे रहा है। वैक्सीन से एंटीबॉडी और टी सेल्स बन रही है, जो कोरोना से लड़ने में कारगर है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • सीरम इंडिया ने कहा है कि भारत में सभी लोगों को टीका लगाने में दो साल तक भी लग सकते हैं। सीईओ अदार पूनावाला के मुताबिक, भारत में कंपनी अगस्त में तीसरे चरण के ट्रायल के लिए आश्वस्त है। उन्होंने कहा, "हम आशा करते हैं कि इसे पूरा होने में दो से ढाई महीने लगेंगे और यह नवंबर तक पूरा हो जाएगा। सीरम इंस्टीट्यूट में निर्मित कोविशिल्ड का आधा स्टॉक भारत के लिए होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • कंपनी के सीईओ ने स्पष्ट कहा है कि प्रत्येक महीने लगभग 60 मिलियन शीशियों में से, भारत को 30 मिलियन मिलेंगे। अनुमानतः इस वैक्सीन की कीमत 1000 रुपये हो सकती है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि देश में सरकार ही वैक्सीन खरीद कर लोगों को टीकाकरण अभियान के जरिए नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक टीकाकरण नहीं किया जाता है, तबतक इस महामारी के खतरे की आशंका बरकरार रहेगी। 
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