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Coronavirus drug: कोरोना के इलाज में एक और बड़ी सफलता, इस दवा से 79 फीसदी कम हुआ खतरा

Wed, 22 Jul 2020 02:33 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना की वैक्सीन बनाने का काम जोर-शोर से जारी है। इस समय भारत, अमेरिका, रूस, चीन और ब्रिटेन समेत दुनियाभर में 23 वैक्सीन पर काम चल रहा है। दावा किया जा रहा है कि सितंबर तक इस जानलेवा बीमारी की वैक्सीन बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। हालांकि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक दवाइयों के सहारे कोरोना मरीजों को ठीक करने का काम किया जा रहा है। डेक्सामेथासोन, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और रेमडेसिविर जैसी दवाइयां कोरोना मरीजों के इलाज में कारगर साबित हुई हैं। इस बीच ब्रिटेन की कंपनी सिनर्जीन (Synairgen) ने एक अन्य दवा की मदद से कोरोना मरीजों के इलाज में सफलता का दावा किया है। कंपनी के मुताबिक, उसकी दवाई से कोरोना मरीजों के गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा 79 फीसदी तक घट गया है। आइए जानते हैं इस 'जीवनरक्षक दवा' के बारे में...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कौन सी दवा है? 
  • इस दवा का नाम SNG001 है। यह इंटरफेरोन बीटा प्रोटीन पर आधारित दवा है। इस प्रोटीन को वायरल संक्रमण होने पर शरीर उत्पन्न करता है। ब्रिटेन की दवा कंपनी सिनर्जीन (Synairgen) ने  दावा किया है कि इस दवा के इस्तेमाल से से कोरोना के मरीजों को काफी फायदा हो रहा है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कैसे काम करती है यह दवा? 
  • इस दवा के अंदर एंटीवायरल प्रोटीन होता है, जिसे सूंघकर लिया जाता है। यह धुंध के रूप में फेफड़े तक पहुंचता है। इसके इस्तेमाल से न सिर्फ कोरोना मरीजों के गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा कम हुआ बल्कि जिन मरीजों को यह दवा दी गई, वो जल्दी ठीक भी हो गए यानी जिन मरीजों को ठीक होने में 9 दिन का समय लग रहा था, वो 6 दिन में ही ठीक हो गए। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सांस लेने संबंधी परेशानी में मिली है राहत 
  • यह भी दावा किया जा रहा है कि इस दवा के इस्तेमाल से कोरोनो के मरीजों को सांस लेने में कम ही दिक्कत महसूस हुई है और अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों को आईसीयू की जरूरत भी बहुत कम पड़ रही है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
101 मरीजों पर किया गया अध्ययन 
  • रिपोर्ट्स के मुतबिक, 30 मार्च से 27 मई के बीच ब्रिटेन के 9 अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती 101 कोरोना मरीजों को यह दवा दी गई और उसका असर देखा गया। सिनर्जीन कंपनी के सीईओ रिचर्ड मर्सडेन ने कहा, 'हम इससे बेहतर परिणाम की उम्मीद नहीं कर सकते थे। अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों के इलाज में ये एक बड़ी सफलता है।' 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
अब आगे क्या?
  • रिचर्ड मर्सडेन ने कहा कि कंपनी अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के चिकित्सा नियामकों को अपने निष्कर्ष पेश करेगी, यह देखने के लिए कि इस दवा से कोरोना मरीजों के इलाज की मंजूरी देने के लिए उन्हें और क्या जानकारी चाहिए। हम सरकार और अन्य महत्वपूर्ण समूहों के साथ मिलकर काम करने का प्रयास करेंगे, ताकि जल्द से जल्द कोरोना वायरस की दवा तैयार की जा सके।' 
नोट: अमर उजाला आपको किसी भी तरह की दवा का सेवन बिना किसी डॉक्टरी सलाह के करने को नहीं कहता है। अगर आपको कोई परेशानी है तो पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। 
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