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CoronaVirus: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च- कोरोना को रोकना है तो भारत की इन दो जगहों से सीखे दुनिया

Fri, 09 Oct 2020 12:54 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस को रोकना है तो..... - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण से इस समय दुनिया के 210 से ज्यादा देश जूझ रहे हैं। दुनियाभर के लोगों को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है। लेकिन जबतक वैक्सीन नहीं आ जाती, तबतक इसे रोकने के लिए तमाम एहतियात बरते जाने की अपील की जा रही है। वहीं शासन, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों की बदौलत कोरोना के मरीज तेजी से ठीक भी हो रहे हैं। हाल ही में ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने 310 शहरों के अध्ययन के बाद कोरोना से जंग के लिए भारत की दो जगहों से सीख लेने की बात कही है। इस शोध अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए छोटे-छोटे इलाकों पर ध्यान देना होगा। 
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कोरोना लॉकडाउन के दौरान एक रिक्शाचालक(File Photo) - फोटो : PTI
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और पूर्वोत्तर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की टीम ने कहा है कि ओडिशा के गंजाम और महाराष्ट्र के धारावी में हजारों की संख्या में संक्रमित थे, लेकिन अब 200 से भी कम मरीज हैं। कोरोना से जारी जंग में इन दोनों जगहों से रणनीति सीखी जा सकती है। मालूम हो कि मुंबई के धारावी मॉडल की तारीफ विश्व स्वास्थ्य संगठन के अलावा विश्व बैंक ने भी की है। 
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घनी आबादी वाले इलाकों में कोरोना संक्रमण काफी तेजी से फैला(File Photo) - फोटो : PTI
टीम ने अध्ययन में पाया कि छोटे और घनी आबादी वाले इलाकों में कोरोना संक्रमण काफी तेजी से फैला। गांवों की तुलना में शहरों में ज्यादा लोगों के संक्रमित होने के पीछे भी छोटे जगहों पर घनी आबादी ही है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, अगर छोटे पॉकेट को ही चिह्नित कर संक्रमण रोक लिया जाए तो कोविड को बड़े पैमाने पर फैलने से रोका जा सकता है। 

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मुंबई के धारावी में बनाए जा रहे पृथकवास केंद्र में काम करता मजदूर(File Photo) - फोटो : PTI
महामारी विशेषज्ञ डॉ.मोरिज क्रैमर का कहना है कि मैड्रिड और लंदन जैसे शहरों पर महामारी की मार इसलिए ज्यादा पड़ी, क्योंकि ये सघन आबादी वाले इलाके थे। यहां तुरंत ध्यान नहीं दिया जा सका और छोटे कार्यक्रमों में भी लोग संक्रमित होते चले गए। उनका कहना है कि प्रत्येक शहर और घर के लिए कोई एक मॉडल नहीं हो सकता, लेकिन स्क्रीनिंग के उपाय एक जैसे हो सकते हैं। 
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जांच के लिए नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
गंजाम: संक्रमण थामने का सफल मॉडल
  • ओडिशा के गंजाम जिले में दो मई को कोरोना का पहला केस मिला। अगस्त में कोरोना मरीज मिलने की दर 59 फीसदी तक पहुंच गई। इसके बाद प्रबंधन के तहत उपाय शुरू हुए तो अब 20 हजार 430 मरीजों में से 98 फीसदी पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और केवल 188 मरीज बचे हैं। (आंकड़े शोध अध्ययन होने तक के हैं।)
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कोविड प्रबंधन (File Photo) - फोटो : Social Media
क्या उपाय किए गए?
  • कोरोना संक्रमण रोकने के लिए गंजाम में सरपंच को शक्तियां दी गईं। हर गांव में कोविड प्रबंधन समिति (CMC) बनाई गई। समिति के सदस्यों ने घर-घर जाकर छह बार स्क्रीनिंग की। पांच गांव पर एक एंबुलेंस रखी गई थी। एक हजार से ज्यादा स्वंयसेवक जरूरी एहतियात नहीं बरतने और मनमानी करने वालों पर नजर रखते थे। 
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मुंबई के धारावी में एक निजी क्लीनिक के बाहर कतार में खड़े लोग (File Photo) - फोटो : PTI
धारावी मॉडल की काफी तारीफ हुई
  • मुंबई के धारावी को दुनिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती कहा जाता है। यहां कोरोना का पहला मामला एक अप्रैल को सामने आया। उसके बाद तेजी से मामले बढ़ते चले गए। कुछ ही दिनों में 3,280 मामले पहुंच गए। तय रणनीति के तहत उपाय हुए, सतर्कता बरती गई, तो 85 फीसदी मरीज ठीक हो गए। अब यहां महज 192 संक्रमित मरीज हैं। (आंकड़े शोध अध्ययन होने तक के हैं।)

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धारावी में घर-घर जा कर लोगों की स्क्रीनिंग(File Photo) - फोटो : एएनआई
क्या उपाय किए गए?
  • धारावी में डॉक्टरों की टीम घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करने लगी। जिसे भी बुखार की शिकायत थी या अन्य लक्षण दिखे, उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। दूसरी ओर छोटे-छोटे अस्पताल भी बनाए गए। धारावी में अधिकतर लोग सार्वजनिक शौचालय में जाते हैं। वहां एक-एक शौचालय में सैकड़ों लोग जाते थे, जहां से संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा था। इसलिए वहां बड़ी संख्या में मोबाइल टॉयलेट्स (शौचालयों) की व्यवस्था की गई। 
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Coronavirus Prevention - फोटो : Pixabay
इस शोध अध्ययन में कई अहम बातें सामने आईं। कोरोना संक्रमण घनी आबादी में कम समय में ही तेजी से फैलने लगता है। जहां भी समुदायों के बीच संपर्क ज्यादा है, वहां कोरोना संक्रमण ज्यादा फैलता है। शादी, पार्टी, सभाएं, समारोह, अन्य सामूहिक आयोजन कोरोना के हॉटस्पॉट साबित हो सकते हैं। शोधकर्ताओं की सलाह है कि कोरोना को रोकने के लिए गंजाम और धारावी मॉडल अपनाने की जरूरत है। 
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