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बड़ा सवाल: क्या भारत में भी पहुंच गया है ओमिक्रॉन वैरिएंट? विशेषज्ञों ने बताए बचाव के सबसे कारगर तरीके

Mon, 29 Nov 2021 03:22 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस का खतरा - फोटो : iStock
Medically reviewed by-
डॉ अतुल भारद्वाज
(वरिष्ठ चिकित्सक, इंटेसिव केयर)
लखनऊ


दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए और सबसे घातक माने जा रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक के अध्ययनों में इस वैरिएंट को डेल्टा से भी संक्रामक बताया जा रहा है। कोरोना के इस घातक रूप से बचाव के लिए कई देशों ने अफ्रीकी देशों से यातायात को प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि भारत में फिलहाल ओमाइक्रोन वैरिएंट के मामले सामने नहीं आए हैं।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक महाराष्ट्र और कर्नाटक में दो कोरोना संक्रमितों में ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर आशंका जताई जा रही है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति को विशेष निगरानी में रखा गया है, वह 24 नवंबर को केपटाउन से वापस लौटा है। अधिकारियों ने रोगी के सैंपल को जीनोम परीक्षण के लिए भेजा है जिससे यह पता लगाया जा सके कि वह ओमाइक्रोन स्ट्रेन से संक्रमित है या नहीं?
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कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन (सांकेतिक) - फोटो : iStock
ओमिक्रॉन से सुरक्षित रहने के लिए उपाय जरूरी
अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ स्थिति एक अस्पताल में इंटेसिव केयर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अतुल भारद्वाज बताते हैं, अब तक के अध्ययनों के आधार पर इतना कहा जा सकता है कि कोरोना के यह नया वैरिएंट सबसे खतरनाक हो सकता है। चूंकि इसमें 30 से भी अधिक म्यूटेशन हैं जोकि इसे अति संक्रामक बनाते हैं। इस खतरे को देखते हुए वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोरोना के इस घातक वैरिएंट से बचाव के लिए कुछ विशेष उपायों को प्रयोग में लाते रहना चाहिए। आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में जानते हैं। 
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surgical mask - फोटो : pixabay
कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर के पालन में न बरतें लारवाही
डॉ अतुल कहते हैं, कोरोना के किसी भी रूप से बचाव के लिए कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करते रहना सबसे बेहतर उपाय हो सकता है। विशेषकर बाहर या भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाते समय डबल मास्क का प्रयोग करें, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। इस दिशा में बरती गई लापरवाही भारी पड़ सकती है। जिन लोगों का टीकाकरण हो चुका है उन्हें भी इन नियमों को पालन में लाते रहना चाहिए। 

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वैक्सीन की दोनों डोज है जरूरी - फोटो : PTI
वैक्सीन की दोनों डोज है बहुत जरूरी
डॉ अतुल कहते हैं, जिन लोगों को अब तक टीकाकरण नहीं हो सका है, उनको जल्द से जल्द दोनों खुराक ले लेनी चाहिए। इसके अलावा जिन्होंने सिर्फ एक ही डोज ली है वह भी जल्द से जल्द दूसरी खुराक प्राप्त करें। वैक्सीनेटेड लोगों में कोरोना के गंभीर संक्रमण और इससे मौत का खतरा कम होता है। जिन इलाकों में सभी लोगों का पूरी तरह से वैक्सीनेशन हो चुका है वहां ओमिक्रॉन या अन्य वैरिएंट्स का जोखिम कम हो सकता है।
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इम्यूनिटी को बनाएं मजबूत - फोटो : iStock
प्रतिरक्षा को बढ़ाने वाले उपाय करते रहें
डॉ अतुल कहते हैं, कोरोना से बचाव के लिए हमें हमेशा खुद को तैयार करके रखना होगा। सभी लोगों को लगातार प्रतिरक्षा को बढ़ाने वाले उपाय करते रहने चाहिए। काढ़ा, मौसमी फलों का सेवन, पौष्टिक आहार, व्यायाम और शराब-धूम्रपान से दूरी जैसे उपाय इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं, इनका विशेष ध्यान रखें। जिन लोगों को वैक्सीनेशन हो चुका है साथ ही प्रतिरक्षा को बढ़ाने वाले उपाय कर रहे हैं, उन्हें कोरोना से काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है। 



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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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