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काम की बात: सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है जैतून का तेल, इन रोगों में मिलते हैं गजब के फायदे

Fri, 17 Sep 2021 02:05 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बेहद लाभकारी है जैतून का तेल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
देशभर में जैतून के तेल का कई तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए वर्षों से इस्तेमाल किया जाता रहा है। जैतून का तेल कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभदायक हो सकता है। जैतून के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (एमयूएफए) पाया जाता है जो इसे विशेष लाभदायक बनाता है। जैतून का इस्तेमाल खाना पकाने के अलावा  सौंदर्य प्रसाधन, दवा, साबुन बनाने आदि में भी प्रयोग में लाया जाता रहा है। 
कई अध्ययनों में जैतून के तेल के स्वास्थ्य लाभ का जिक्र मिलता है। जैतून को एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध माना जाता है जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से सुरक्षित रखते हुए सेलुलर डैमेज से बचाते हैं। मेटाबॉलिज्म और अन्य शारीरिक प्रक्रियाओं के दौरान इन फ्री रेडिकल्स का निर्माण होता है जो कैंसर जैसे गंभीर रोगों को भी जन्म दे सकते हैं। एंटीऑक्सिडेंट, इन फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने में सहायक होते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में जैतून के तेल से होने वाले अन्य स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानते हैं। 
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हृदय रोगियों को करना चाहिए जैतून के तेल का सेवन - फोटो : Pixabay
हृदय रोगों में बेहद फायदेमंद है जैतून का तेल
कई अध्ययनों से पता चलता है कि खाने में अन्य तेलों के मुकाबले जैतून के तेल का सेवन करने वाले लोगों को हृदय रोगों का खतरा कम होता है। साल 2018 में किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि जैतून के तेल या नट्स जैसे आहार का सेवन करने वाले लोगों में, अन्य लोगों की तुलना में हृदय रोगों का खतरा कम होता है। साल 2018 में ही अध्ययन की समीक्षा के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के वैज्ञानिक, हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए प्रतिदिन लगभग 20 ग्राम या दो बड़े चम्मच की मात्रा में वर्जिन जैतून के तेल के सेवन करने की सलाह देते हैं। 
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ऑलिव ऑयल के हैं अनेकों फायदे - फोटो : Pixabay
मेटाबॉलिक सिंड्रोम में लाभकारी
मेटाबॉलिक सिंड्रोम, तमाम प्रकार के जोखिम कारकों वाली ऐसी स्थिति है जिसमें  मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड शुगर संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। साल 2019 के मेटा-विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि जैतून का तेल, शरीर में सूजन, ब्लड शुगर, ट्राइग्लिसराइड्स (रक्त में वसा) और बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इसके साथ ही यह शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में भी सहायक है।

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कम होगी तनाव की समस्या - फोटो : Pixabay
चिंता और अवसाद की समस्या होती है कम
साल 2013 में किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि वर्जिन ऑलिव ऑयल में पाए जाने वाले यौगिक, तंत्रिका तंत्र को सुरक्षित बनाए रखने में सहायक होते हैं। इससे अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं का खतरा कम किया जा सकता है। एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि ट्रांस फैट का सेवन करने वाले लोगों की तुलना में जैतून के तेल जैसे अनसेचुरेटेड फैट का सेवन करने वालों में अवसाद होने की आशंका कम होती है। 
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कैंसर जैसे रोगों का खतरा होता है कम - फोटो : istock
कैंसर जैसी समस्याओं में है सहायक
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि जैतून के तेल में मौजूद यौगिक स्तन कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। साल 2019 में प्रकाशित शोध के अनुसार, जैतून के तेल में ऐसे पदार्थ होते हैं जो कोलोरेक्टल कैंसर को रोकने में सहायक हो सकते हैं। लैब परीक्षणों में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि जैतून के तेल में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर को सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और एपिजेनेटिक परिवर्तनों से बचाने में मदद कर सकते हैं।


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नोट: यह लेख तमाम अध्ययनों से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी औषधि के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर ले लें। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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