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अध्ययन: मोटापा ग्रस्त लोगों में कोविड संक्रमण और दीर्घकालिक जटिलताओं का खतरा अधिक, जानिए खास बातें

Sun, 06 Jun 2021 12:06 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोटापा ग्रस्त लोगों को कोविड का खतरा - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को कोमोरबिडिटी वाले लोगों के लिए काफी खतरनाक माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को पहले से ही हृदय रोग, डायबिटीज, सांस की परेशानी और अन्य गंभीर दिक्कतें हैं, उनमें कोरोना संक्रमण होने का खतरा दूसरे लोगों की तुलना में अधिक होता है। इन तमाम रोगों के साथ मोटापा से ग्रस्त लोगों में भी विशेषज्ञों ने कोरोना का अधिक खतरा पाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुबले और फिट लोगों की तुलना में मोटापा से ग्रस्त लोगों को न सिर्फ कोविड-19 संक्रमण होने का खतरा ज्यादा होता है साथ ही ऐसे लोगों में कोविड के कारण होने वाली दीर्घकालिक जटिलताओं का डर भी अधिक होता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में मोटापे के कारण लॉन्ग टर्म कोविड-19 की समस्या होने का खतरा अधिक होता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि कोरोना वायरस, मोटापा के शिकार लोगों के लिए इतनी समस्याएं क्यों पैदा कर रहा है? साथ ही अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने किन बातों पर विशेष जोर दिया है?
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भारत में बढ़ता जा रहा है मोटापा ग्रस्त लोगों का आंकड़ा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
भारत में मोटापा ग्रस्त लोगों के आंकड़े
कोविड-19 और मोटापे के संबंध को जानने से पहले भारत में मोटापा के शिकार लोगों की स्थिति के बारे में जान लेते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मोटापे को बड़ी समस्या बताते हुए इसके नियंत्रण और प्रबंधन की आवश्यकता पर ध्यान देने पर जोर  दिया है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में साल 2012 में मोटापा ग्रस्त लोगों की संख्या 25.2 मिलियन (2.52 करोड़) थी जोकि साल 2016 में बढ़कर 34.3 मिलियन (3.43 करोड़) से अधिक हो गई है। इस दिशा में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
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मोटापा ग्रस्त लोगों को लॉन्ग टर्म कोविड का खतरा - फोटो : Social media
मोटापा और कोविड-19
डायबिटीज, ओबेसिटी और मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मोटापे के कारण लोगों में लॉन्ग टर्म कोविड-19 जटिलताएं देखने को मिल रही हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक में कोविड-19 से ठीक हो चुके 2,839 रोगियों पर किए गए अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे हैं। प्रमुख शोधकर्ता अली अमीनियन बताते हैं कि अध्ययन के दौरान हमने मोटापा से ग्रसित लोगों में कोविड-19 के कारण होने वाली जटिलताएं, अन्य लोगों की तुलना में अधिक देखी हैं।
 

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बॉडी मास इंडेक्स के आधार पर किया गया अध्ययन - फोटो : Social media
अध्ययन के दौरान 2,839 लोगों के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के आधार पर 5 समूहों के परिणामों की तुलना की गई। 18.5-24.9 बीएमआई (सामान्य), 25-29.9 बीएमआई (अधिक वजन), 30-34.9 बीएमआई (हल्का मोटापा), 35-39.9 बीएमआई (मध्यम मोटापा), और 40 बीएमआई या अधिक (गंभीर मोटापा) को समूहों में बांटा गया। अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है  सामान्य बीएमआई वाले लोगों की तुलना में, मध्यम मोटापा ग्रस्त लोगों के अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम 28 फीसदी और गंभीर मोटापा ग्रस्त लोगों में 30 फीसदी अधिक था।
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मोटापे के रोगियों लॉन्ग कोविड का खतरा - फोटो : iStock
दीर्घकालिक जटिलताओं का खतरा भी अधिक
क्लीवलैंड क्लिनिक के एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष और अध्ययन के एक अन्य शोधकर्ता बार्टोलोम बरगुएरा कहते हैं कि मोटापे के साथ इंफ्लामेशन, कमजोर इम्यूनिटी और अन्य कोमोरबिडिटी, दिक्कतों को और बढ़ा सकती हैं। इन स्थितियों से मोटापे के रोगियों में कोविड-19 के कारण गंभीर समस्याओं की खतरा हो सकता है साथ ही इन रोगियों में लॉन्ग टर्म कोविड-19 जटिलताओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
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बॉडी मास इंडेक्स की करते रहें जांच - फोटो : Social Media
कैसे कम करें मोटापा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापे को नियंत्रित किया जा सकता है। उचित प्रयासों से आप न सिर्फ मोटापे को कम कर सकते हैं साथ ही मोटापे के कारण होने वाली कोविड-19 संबंधी जटिलताओं को भी कम कर सकते हैं। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखना सबसे आवश्यक है।
  • अत्यधिक चीनी युक्त खाद्यय और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें तथा स्वस्थ और संतुलित आहार का सेवन करें।
  • योग, व्यायाम और ध्यान के माध्यम से शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय रहने की कोशिश करें। व्यायाम के माध्यम से भी मोटापे को कम किया जा सकता है।
  • शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • वजन को नियंत्रित करने का लक्ष्य बनाएं और उसपर काम करें।
  • बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करते रहें। 30 या उससे अधिक बीएमआई को मोटापा माना जाता है।
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स्रोत और संदर्भ: 
Association of Obesity with Post-Acute Sequelae of COVID-19 (PASC)

अस्वीकरण नोट: यह लेख डायबिटीज, ओबेसिटी और मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित एक अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बताए गए उपायों के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
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