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सावधान: आंत की गड़बड़ी को पहचानें, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Sun, 06 Jun 2021 11:18 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Vijayant Kumar Sachan

डॉ. विजयंत कुमार सचान

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस (जनरल सर्जरी), डीएनबी (सर्जरी गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी) 
अनुभव- 8 वर्ष 


आंत को शरीर का 'दूसरा मस्तिष्क' भी कहा जाता है। यह आहार नली का अहम हिस्सा होती है, जिसका संबंध सीधे पाचन तंत्र से होता है। अगर आंत कमजोर पड़ने लगते हैं तो पाचन संबंधी समस्याएं पैदा होने लगती हैं। इसलिए आंतों का मजबूत होना अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। हालांकि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की अनियमित खानपान की आदतें और खराब जीवनशैली पाचन तंत्र को कमजोर कर देती हैं, जिससे आंतों में भी गड़बड़ी आ जाती है। सिर्फ यही नहीं, व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए भी आंतों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर व्यक्ति को आंत से जुड़ी कोई परेशानी है तो वह आसानी से सामान्य बीमारियों जैसे फ्लू आदि का शिकार हो जाता है। इसलिए आंतों में गड़बड़ी के लक्षणों को पहचानने की जरूरत है। आइए जानते हैं कि इसके क्या-क्या लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अगर आपको हर समय पेट फूला हुआ या पेट में भारीपन महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह आंत की गड़बड़ी का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा अगर आपको कब्ज की समस्या है, दिन में दो या इससे ज्यादा बार मल त्याग करना पड़ रहा है, सांसों से दुर्गंध आती है, तो इसे भी नजरअंदाज न करें। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अगर आप अपना वजन घटाने या बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं और लगातार मेहनत करने के बाद भी इसमें सफल नहीं हो पा रहे हैं, तो ऐसा हो सकता है कि आपकी आंत सही ढंग से काम न कर रही हो। इसे भूलकर भी नजरअंदाज न करें, क्योंकि इससे परेशानी बढ़ सकती है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
खानपान सही होने के बावजूद अगर आपको दिनभर थकान का अहसास होता है, तो यह भी कहीं न कहीं यह खराब आंत का संकेत हो सकता है। अस्वस्थ आंत के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं और महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता हो सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आंतों को कैसे मजबूत बनाएं? 
  • रोजाना एक ही तरह का खाना न खाएं, बल्कि विभिन्न प्रकार के भोजन का सेवन करें
  • तनाव में न रहें 
  • अगर तनाव है, तो इसे कम करने के लिए मेडिटेशन और मानसिक योगा करें
  • शराब का सेवन न करें  
  • कैफीन और मसालेदार खाने का सेवन न करें 
  • 7-8 घंटे की बेहतर नींद लें 
नोट: डॉ. विजयंत कुमार सचान अत्यधिक योग्य और अनुभवी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन हैं। इन्होंने चेन्नई के स्टेनली मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूर किया है। इसके बाद इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमएस (जनरल सर्जरी) की पढ़ाई पूरी की है। बता दें कि डॉ. विजयंत कुमार सचान ने हैदराबाद के ग्लोबल हॉस्पिटल से सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में सुपर स्पेशलाइजेशन भी किया है। यहां पर इन्होंने एडवांस्ड मिनिमल एक्सेस सर्जरी (लैप्रोस्कोपी) कॉम्प्लेक्स आंतों के कैंसर सर्जरी, हेपेटोबिलियरी सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांट की ट्रेनिंग ली। इनकी खास दिलचस्पी जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर सर्जरी और एचपीबी सर्जरी में है। डॉ. विजयंत कुमार सचान की आईएमए और एएसआई में सदस्यता भी है। वह एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन हैं, जो इस क्षेत्र में 8 साल का विशाल अनुभव रखते हैं। 
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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