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नई मुसीबत: सामने आया डेल्टा से भी खतरनाक कोरोना का नया वैरिएंट, इस वजह से भारत की बढ़ गई है चिंता

Tue, 31 Aug 2021 10:14 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना का नया साउथ अफ्रीकन वैरिएंट (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कोरोना वायरस पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से दुनियाभर के लिए बड़ी मुसीबत का कारण बना हुआ है। हालिया अध्ययनों में वैज्ञानिक कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को सबसे संक्रामक और घातक बताते रहे हैं। इसी बीच हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने कोरोना के एक नए वैरिएंट के बारे में सूचित किया है, इसे डेल्टा से भी खतरनाक बताया जा रहा है। कोरोना के इस नए वैरिएंट (सी.1.2) को वैज्ञानिक दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बता रहे हैं। भारत के संदर्भ में भी वैज्ञानिकों ने इससे गंभीर खतरे को लेकर आगाह किया है।
दक्षिण अफ्रीका में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज (एनआईसीडी) और क्वाज़ुलु-नेटल रिसर्च इनोवेशन एंड सीक्वेंसिंग प्लेटफॉर्म (केआरआईएसपी) के शोधकर्ताओं ने बताया है कि इसी साल मई में सबसे पहले यह वैरिएंट दक्षिण अफ्रीका में पाया गया है। अगस्त के मध्य तक कोरोना का अत्यधिक संक्रामक यह वैरिएंट कई अन्य देशों में भी फैल चुका है।
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कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा से भी खतरनाक (सांकेतिक) - फोटो : iStock
काफी खतरनाक माना जा रहा है यह नया वैरिएंट
वैज्ञानिकों का कहना कि अब तक पूरी दुनिया डेल्टा वैरिएंट से खतरे को लेकर परेशान थी, इस बीच इस नए वैरिएंट ने समस्याओं को और बढ़ा दिया है। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने यह भी पाया है कि यह नया वैरिएंट शरीर में वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से मात दे सकता है। ऐसे एक बार फिर सभी लोगों के लिए कोरोना का खतरा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। आइए आगे की स्लाइडों में इस वैरिएंट के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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नया वैरिएंट प्रतिरक्षा को दे रहा है चकमा (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
तेजी से अपना रूप बदल सकता है कोरोना का यह वैरिएंट
कोरोना के इस नए वैरिएंट को म्यूटेशन के लिहाजे से भी वैज्ञानिक बेहद खतरनाक बता रहे हैं। 24 अगस्त को प्रीप्रिंट रिपोजिटरी मेडरेक्सिव पर पीयर-रिव्यू अध्ययन के लिए पोस्ट किए गए डेटा के अनुसार सी.1 की तुलना में कोरोना के इस नए वैरिएंट सी.1.2 में तेजी से म्यूटेशन हो सकता है। इसका मतलब यह है कि कोरोना के इस नए वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में काफी तेजी से बदलाव होता रह सकता है।

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बेहद संक्रामक माना जा रहा है कोरोना का नया वैरिएंट (सांकेतिक) - फोटो : iStock
यह भी बड़ी चुनौती
शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनियाभर में अब तक सामने आ चुके कोरोना के सभी वैरिएंट्स की तुलना में यह नया वैरिएंट अधिक उत्परिवर्तन है। यही इस वैरिएंट को ज्यादा खतरनाक बना देता है। चूंकि इसमें अधिक म्यूटेशन होने के बारे में पता चल रहा है, इस आधार पर वैज्ञानिक इससे बचाव के तरीकों को भी काफी कठिन मान रहे हैं।

 
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नया वैरिएंट कई मामलों में खतरनाक (सांकेतिक) - फोटो : पिक्साबे
प्रतिरक्षा प्रणाली  चकमा देने की क्षमता
कोरोना के इस नए वैरिएंट को लेकर शोधकर्ताओं की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह वैरिएंट शरीर में संक्रमण या वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी चकमा दे सकता है। शोधकर्ता बताते हैं, सार्स-सीओवी-2 वायरस अपने स्पाइक प्रोटीन का उपयोग करके मानव कोशिकाओं को संक्रमित करते हुए उनमें प्रवेश करता है।
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चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है यह नया कोरोनावायरस वैरिएंट - फोटो : PIB
वायरस के स्पाइक प्रोटीन को ही ध्यान में रखते हुए कोरोना की सभी वैक्सीनों को तैयार किया गया है। इस नए वैरिएंट सी.1.2 में  N440K और Y449H जैसे म्यूटेशनों का पता चला है। यह म्यूटेशन शरीर में बनीं प्रतिरक्षा को आसानी से मात देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं, उनमें खतरा अन्य लोगों के मुकाबले कम हो सकता है।
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संक्रमितों में नजर आ सकते हैं कुछ गंभीर लक्षण - फोटो : iStock
कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमण के क्या लक्षण हो सकते हैं?
शोधकर्ताओं का कहना है कि चूंकि यह अभी नया वैरिएंट है, ऐसे में इसके बारे में जानने के लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है। ऐसे में स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है कि इस वैरिएंट से संक्रमितों में क्या लक्षण दिख सकते है। फिलहाल अब तक के अध्ययन के आधार पर पता चलता है कि संक्रमितों को नाक बहने, लगातार खांसी आने, गले और शरीर में दर्द, गंध और स्वाद की कमी, बुखार, मांसपेशियों में ऐंठन, आंखों के रंग में बदलाव के साथ दस्त आने की समस्या हो सकती है। यह वैरिएंट फेफड़ों को किस प्रकार से प्रभावित कर सकता है, इस बारे में जानने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।

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भारत के लिए हो सकता है काफी चुनौतीपूर्ण - फोटो : istock
भारत के लिए क्यों है यह ज्यादा खतरनाक?
वैज्ञानिक कोरोना के इस वैरिएंट को भारत के लिए काफी खतरनाक बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है भारत में तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। कोरोना की दूसरी लहर के कम होते ही यात्रा प्रतिबंधों में ढील के साथ, व्यवसाय और स्कूल फिर से खोल दिए गए हैं। इसके अलावा देश में त्योहारों के मौसम की शुरुआत हो चुकी है, जिसके कारण लोगों में संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ सकता है।
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संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी - फोटो : पेक्सेल्स
बचाव बेहद आवश्यक
इसके अलावा इस नए वैरिएंट को इम्यूनिटी को चकमा देने वाला माना जा रहा है, ऐसे में यह संकट और बढ़ा सकता है। देश में अब भी बड़ी आबादी को वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगी है, यह चिंता को और भी बढ़ा देती है। विशेषज्ञ लोगों से फिलहाल सभी लोगों से मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग करने पर विशेष ध्यान रखने की अपील कर रहे हैं।



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स्रोत और संदर्भ: 
The continuous evolution of SARS-CoV-2 in South Africa: a new lineage with rapid accumulation of mutations of concern and global detection

अस्वीकरण नोट: यह लेख प्रीप्रिंट रिपोजिटरी मेडरेक्सिव पर पीयर-रिव्यू अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।
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