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Covid-19: संक्रमितों में देखी जा रही हैं आंतों से संबंधित दिक्कतें, कैसे जानें यह पेट की समस्या है या कोविड संक्रमण?

Thu, 05 May 2022 01:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोविड-19 संक्रमितों में बढ़ती पेट की समस्या - फोटो : Pixabay
पिछले दो साल से अधिक समय से वैश्विक महामारी का कारण बने कोरोना संक्रमण ने लोगों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। डेल्टा जैसे वैरिएंट्स के कारण जहां फेफड़ों और हृदय की सेहत पर असर देखने को मिला, वहीं ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के संक्रमण की स्थिति में रोगियों में आंख, पेट और त्वचा से संबंधित समस्याएं भी देखी जा रही हैं। हाल ही में हुए शोध बताते हैं कि ओमिक्रॉन BA.2 जैसे अति संक्रामकता वाले वैरिएंट्स का आंत और पेट के अंगों पर भी दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है, ऐसे स्थिति में पेट में सूजन, दर्द, अपच और आंतों से संबंधित अन्य कई तरह की दिक्कतें होने की जोखिम हो सकता है।

चूंकि इस समय गर्मी की मौसम चल रहा है, जिसमें लोगों को अक्सर पेट से संबंधित दिक्कतें हो जाया करती हैं। ऐसे में कोविड-19 के पेट वाले लक्षण आपको भ्रमित कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता कि ओमिक्रॉन BA.2 जैसे वैरिटएंट्स से संक्रमित कई लोगों में अन्य सामान्य लक्षणों के साथ पाचन की दिक्कत, मतली और पेट दर्द जैसी समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं।

गर्मी के कारण और कोविड-19 में पेट की होने वाली समस्याएं लगभग समान होती है, ऐसे में इनमें अंतर करना और सही समस्या का निदान करना बहुत आवश्यक हो जाता है। आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं।
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कोरोना के आंत से संबंधित लक्षण - फोटो : iStock
कोविड-19 संक्रमितों को पेट से संबंधित समस्याएं

किंग्स कॉलेज लंदन में जेनेटिक एपिडेमियोलॉजी के प्रोफेसर टिम स्पेक्टर कहते हैं, कोरोना के नए वैरिएंट्स ने हमारे शरीर को अलग तरह से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पहले जहां इसे सिर्फ श्वसन संक्रमण के तौर पर देखा जाता था वहीं अब कोविड-19 के कारण सामान्य सर्दी-जुकाम की समस्याओं के अलावा मतली और पेट दर्द की दिक्कत भी देखी जा रही है। इससे यह समझ आता है कि वायरस का यह रूप नाक के साथ आंतों को भी अपना शिकार बना रहा है। कुछ लोगों में इसके लक्षण गंभीर भी हो सकते हैं, जिनपर समय रहते विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
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कोरोना के नए वैरिएंट्स के कारण होने वाली समस्या - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं शोध? 

साल 2020 में किए गए एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोविड-19 के शिकार हर 5 में से 1 व्यक्ति में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण हो सकते हैं। इस स्थिति में उल्टी, पेट दर्द और दस्त, मतली, पेट में सूजन आदि समस्याएं होती हैं। विशेषकर ओमिक्रॉन के कारण देश में सामने आई तीसरी लहर और दुनिया के कई देशों में ओमिक्रॉन BA.2 से संक्रमितों में पेट-आंत से संबंधित समस्याएं रिपोर्ट की जा रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि नए वैरिएंट्स से संक्रमण के दौरान सभी लोगों को कोरोना संक्रमण के सामान्य लक्षणों के साथ-साथ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षणों पर भी ध्यान देते रहना चाहिए।

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कोरोना के नए वैरिएंट्स ने बढ़ाई मुश्किलें - फोटो : iStock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

कनाडा स्थित मिसिसॉगा में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन चक्रवर्ती कहते हैं, कोविड-19 के कारण  गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हों ही, यह आवश्यक नहीं है, हालांकि जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है, या जिन लोगों को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से संबंधित दिक्कतें हो रही हैं, उन्हें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

साल 2020 के अध्ययन में पाया गया कि 18,246 में से ज्यादातर संक्रमितों में दस्त सबसे आम लक्षण के रूप में देखा गया है। इसके अलावा कुछ संक्रमितों ने उल्टी और पेट दर्द की भी शिकायत की। करीब 10 फीसदी ऐसे लोगो में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। 
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कोरोना के नए लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : iStock
गर्मी और कोविड-19 के कारण होने वाली समस्याओं में कैसे अंतर करें?

गर्मी के दिनों में भी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं होती रहती हैं, ऐसे में कैसे पता किया जाए कि आपको पेट की समस्या गर्मी के कारण हो रही है या फिर यह कोविड-19 का संकेत है?

इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पेट की अन्य सामान्य समस्याओं में बुखार नहीं होता है जबकि कोविड-19 की स्थिति में संक्रमितों को बुखार की समस्या होती है। अगर पेट में दर्द या अन्य लक्षणों के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ या खांसने-छींकने की समस्या है, तो इसे कोविड-19 का संकेत माना जा सकता है। सामान्य पेट दर्द की स्थिति में गंध और स्वाद जाने की समस्या नहीं होती है जबकि कोविड-19 में इसका खतरा रहता है। 
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संक्रमण से बचाव बहुत आवश्यक - फोटो : Pixabay
इन बातों का रखें ध्यान

अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर यूनिट के विशेषज्ञ डॉ सौरभ अवस्थी कहते हैं, कोविड-19 के नए वैरिएंट्स की संक्रामकता और इसके लक्षण डराने वाले हैं, जिसको लेकर लोगों को अपने स्तर पर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। जिन लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है उनमें लक्षणों के गंभीर होने का खतरा कम होता है।

वैक्सीनेशन के साथ कोविड से बचाव के उपायों का लगातार पालन करते रहना आवश्यक है। भारत में भी पिछले दिनों जिस तरह से संक्रमण के मामले बढ़े हैं, उसे देखते हुए सभी लोगों को और भी सावधान हो जाना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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