बच्चों में सांस की बीमारी का खतरा
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आखिर क्या है ये बीमारी?
माइकोप्लाज्मा निमोनिया जिसे मिस्टीरियस निमोनिया कहा जा रहा है ये एक प्रकार के बैक्टीरिया के कारण होने वाली समस्या है जो मुख्यरूप से बच्चों को अपना शिकार बनाती है। इसके कारण सूखी खांसी, बुखार और शारीरिक मेहनत करने पर सांस की तकलीफ हो सकती है। माइकोप्लाज्मा निमोनिया के बैक्टीरिया सभी मानव रोगजनकों में से सबसे अधिक प्रचलित हैं।
माइकोप्लाज्मा निमोनिया स्कूल, कॉलेज परिसर और नर्सिंग होम जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में खांसने-छींकने से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के संपर्क से तेजी से फैलता है। पांच साल से कम आयु के बच्चों, बुजुर्गों, कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों, फेफड़ों की बीमारी के शिकार, सिकल सेल एनीमिया वाले लोगों में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है।