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Mysterious Pneumonia: चीन में बढ़ती 'रहस्यमयी बीमारी' से बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित, ये है संक्रमण की असली वजह

Mon, 27 Nov 2023 11:21 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निमोनिया का खतरा - फोटो : Pixabay
चीन के कई शहरों में इन दिनों रहस्यमयी श्वसन बीमारी का जोखिम बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पतालों के आपातकालीन विभाग में निमोनिया और श्वसन संक्रमण की शिकायत के साथ मरीजों की संख्या में बढ़ी है। इस रोग का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों में देखा जा रहा है, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रही है। अधिकारियों ने सभी लोगों को अलर्ट रहने और सुरक्षात्मक उपाय करते रहने की सलाह दी है।

चीन में अचानक बढ़े संक्रामक एच9एन2 के मामलों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) गंभीरता से नजर बनाए हुए है। डब्ल्यूएचओ ने अधिकारियों से लगातार स्थिति की जानकारी देते रहने और देश में बढ़ते संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी है।



इन सबके बीच बड़ा सवाल ये है कि क्या भारत को भी इस रोग को लेकर अलर्ट हो जाने की जरूरत है? आइए इस बारे में समझते हैं।
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श्वसन रोगों का खतरा - फोटो : Istock
क्या भारत में भी इसका जोखिम?

चीन में बढ़ते संक्रामक रोग को लेकर भारत को कितना अलर्ट रहना चाहिए और क्या यहां भी इस रोग का खतरा हो सकता है? इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है एवियन इन्फ्लूएंजा के मामल और चीन से रिपोर्ट की गई श्वसन बीमारी का जोखिम भारत में फिलहाल कम है। वर्तमान में उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि पिछले कुछ हफ्तों में चीन में श्वसन संबंधी बीमारियों में वृद्धि हुई है, भारत में भी इन दिनों फ्लू का मौसम चल रहा है लेकिन यहां चीन जैसी परिस्थितियों का जोखिम नहीं है।
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मनसुख मंडाविया - फोटो : ट्विटर/मनसुख मंडाविया
कितना तैयार है भारत?

भारत में इस रोग को लेकर तैयारियों के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, चीन में बच्चों में एच9एन2 मामलों के हालिया प्रकोप और श्वसन संबंधी बीमारियों को लेकर भारत सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे है। आईसीएमआर और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक इस बात को लेकर गंभीरता से उपाय कर रहे हैं जिससे जोखिमों से बचाव किया जा सके।  
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सांस की समस्याओं का खतरा - फोटो : iStock
क्या है इस बीमारी की मुख्य वजह?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में सर्दियों के मौसम की शुरुआत हो गई है और महामारी के बाद ये पहली सर्दी है जब यहां किसी प्रकार के प्रतिबंध नहीं हैं। लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंधों की वजह से संक्रामक रोगों से बचाव को लेकर सुरक्षाकवच बना हुआ था जो अब टूट रहा है। 

माइकोप्लाज्मा निमोनिया जीवाणु संक्रमण है। चीन में इस बीमारी के अचानक बढ़ने के लिए लॉकडाउन के कारण प्रतिरक्षा में कमजोरी आई कमजोरी को मुख्य वजह माना जा रहा है पूरी दुनिया इस स्थिति को गंभीरता से देख रही है, अभी तक भारत पर ज्यादा असर नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं भारत में श्वसन संक्रमण के मामले देखे जाते रहे हैं इसलिए इसके गंभीर रूप लेने का जोखिम कम है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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