कोरोना वायरस की दूसरी लहर लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो रही है। वायरस के नए स्ट्रेन शरीर के कई अंगों को अपना शिकार बना रहे है। सार्स-सीओवी-2 वायरस, फेफड़ों और श्वसन प्रणाली को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है जिसके कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। संक्रमण की दूसरी लहर में रोगियों के ब्लड ऑक्सीजन के स्तर में तेजी से गिरावट के मामले भी देखने को मिले हैं, जो कई लोगों में मौत का कारण भी बन रही है।
ऐसी विकट परिस्थितियों में, जब देश स्वास्थ्य संसाधनों की भारी कमी का सामना कर रहा है, हम सब को स्वाभाविक रूप से फेफड़ों की शक्ति को बढ़ावा देने वाले उपायों के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक फेफड़ों की शक्ति को बढ़ाने में सांस लेने वाले व्यायाम काफी फायदेमंद हो सकते हैं। आइए ऐसे ही कुछ व्यायामों के बारे में जानते हैं।
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फेफड़ों को मजबूती देते हैं सांस वाले व्यायाम
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गहरी सांस वाले व्यायम कैसे फायदेमंद हैं?
गहरी सांस और फेफड़ों को मजबूत करने वाले व्यायाम डायाफ्राम फ़ंक्शन को बेहतर बनाने के साथ सांस लेने की क्षमता में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं। कई नैदानिक अध्ययनों में विशेषज्ञों ने पाया है कि ऐसे व्यायाम सांस लेने में तकलीफ को कम करने के साथ इससे संबंधित अन्य जटिलताओं को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं। विशेषरूप से ऐसे समय में जब देश में मेडिकल ऑक्सीजनों की काफी किल्लत है, इस तरह के व्यायाम सभी लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माने जा रहे हैं।
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तनाव को कम करने में भी सहायक हैं
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तनाव और चिंता को कम करते हैं ऐसे व्यायाम
विशेषज्ञ कहते हैं कि गहरी सांस लेने वाले व्यायाम न सिर्फ सांस की तकलीफों से दूर रखते हैं, साथ ही यह कोरोना रोगियों में तनाव और चिंता जैसी मानसिक परेशानियों को कम करने में भी बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। इतना ही नहीं डॉक्टर कोविड संक्रमित रोगियों को योग आसन और गहरी सांस लेने के व्यायाम करने की भी सलाह देते हैं। यह उपाय रोगी के शरीर में ऑक्सीजन को बढ़ाने का साथ फेफड़ों को मजबूती देते हैं। आइए ऐसे ही कुछ व्यायामों के बारे में जानते हैं।
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लिप ब्रीदिंग व्यायाम सभी को करनी चाहिए
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लिप ब्रीदिंग व्यायाम
शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने और वायुमार्ग को खुला रखने के लिए लिप ब्रीदिंग व्यायाम को सबसे बेहतर उपायों में से एक माना जाता है। इस व्यायाम को करने के लिए सबसे पहले आराम की स्थिति में बैठ जाएं। अब नाक के माध्यम से धीरे-धीरे सांस लें, इस दौरान मुंह बंद रहना चाहिए। साँस छोड़ने से पहले अपने होठों को सिकोड़ लें और फिर धीरे-धीरे फेफड़ों की सारी हवा बाहर निकाल दें।
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प्राणायाम के फायदे अनेक
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प्राणायाम
प्राणायाम को फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ श्वसन क्रिया में प्रयुक्त नसों को आराम देने वाले सबसे प्रभावी व्यायामों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञ इस आसन को खाली पेट करने की सलाह देते हैं। प्राणायाम करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। शरीर को एकदम सीधा रखें। अब गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। रोजाना कम से कम 10 मिनट तक इस व्यायाम को जरूर करना चाहिए।
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सांस की शक्ति को बढ़ाते हैं अनुलोम-विलोम आसन
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अनुलोम विलोम
अनुलोम विलोम व्यायाम को फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को निकालर उन्हें शुद्ध करने, फेफड़ों में जमा अतिरिक्त द्रव को कम करने के साथ फेफड़ों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देने में काफी प्रभावी माना जाता है। इतना ही नहीं यह प्रतिरक्षा और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ावा देने में भी सहायक है। इस व्यायाम को करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करें और दाहिने अंगूठे को नाक के दाहिने छिद्र पर रखें। अब बाईं तरफ से गहरी सांस लें औऱ दाहिनी ओर से छोड़ें। इसी तरह से नाक की दूसरी तरफ से भी सांस लें और छोड़ें।
अपने लिए उचित व्यायाम का चयन करें
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किन्हें नहीं करने चाहिए ऐसे व्यायाम?
विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन लोगों में कोविड के हल्के या मध्यम लक्षण हैं, यह सभी व्यायाम उनके लिए बेहद फायदेमंद हैं। हालांकि जिन रोगियों को तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, पेट या सीने में दर्द की समस्या है, उन्हें ऐसे व्यायाम नहीं करने चाहिए। ऐसे लोगों को इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए।
------- नोट: यह लेख दिल्ली एम्स की डॉ आयशी पाल से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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