देश पिछले डेढ़ साल से कोरोना से जंग लड़ रहा है। वर्ल्डोमीटर के आंकड़े के अनुसार 28 मई तक भारत में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 2 करोड़ 75 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। देश में कोरोना की दूसरी लहर के चलते लोगों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा, फिलहाल पिछले एक हफ्ते से रोजाना संक्रमितों के मिल रहे आंकड़ों में कमी देखी गई है।
इन सब के बीच सेकेंडरी इंफेक्शन और इससे होने वाली मौत के आंकड़ों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने अपने हालिया अध्ययन में बताया है कि कोविड-19 के जिन रोगियों को सेकेंडरी वायरल या फंगल संक्रमण होता है, उनमें से आधे से अधिक की मौत हो जाती है। आइए इस लेख में जानते हैं सेकेंडरी इंफेक्शन क्या है और इस अध्ययन के क्या मायने हैं?