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ध्यान दें: माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं, मनोरोगों का भी हो सकता है संकेत, जानिए कैसे पाएं इस समस्या में आराम?

Tue, 20 Sep 2022 12:27 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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माइग्रेन की समस्या क्यों होती है? - फोटो : istock
माइग्रेन वैसे तो एक प्रकार के गंभीर सिरदर्द की स्थिति है, हालांकि सामान्य सिरदर्द से अलग इसमें अक्सर सिर के एक हिस्से और आंखों में तेज दर्द की समस्या होती है। बहुत से लोगों को माइग्रेन में दर्द के साथ मितली जैसी दिक्कत भी हो सकती है, कुछ स्थितियों में उल्टी के बाद दर्द कम भी हो जाता है। हालांकि माइग्रेन की स्थिति काफी असहज करने वाली और दर्दकारक मानी जाती है।

माइग्रेन अटैक के दौरान लोगों को शांत और अंधेरे कमरे में जाने से आराम मिल सकता है। डॉक्टर्स कहते हैं, अगर आपको भी अक्सर माइग्रेन की दिक्कत बनी रहती है तो इसे सिर्फ सिरदर्द समझने की गलती न करें, कुछ स्थितियों में माइग्रेन साइकोसोमेटिक यानी कि मानसिक स्वास्थ्य विकारों के कारण भी हो सकती है।

अमेरिकन माइग्रेन फाउंडेशन के अनुसार, मतली और उल्टी आमतौर पर माइग्रेन के शुरुआती चरणों के दौरान होने वाली समस्या होती है। इस प्रकार का दर्द अगर अक्सर बना रहता है तो स्थिति के सही कारणों के बारे में जानने के लिए किसी डॉक्टर से मिल लेना बहुत आवश्यक हो जाता है। अगर माइग्रेन की दिक्कत मानसिक रोगों के कारण हो रही है तो इसमें तुरंत किसी मनोरोग विशेषज्ञ के सलाह और इलाज की जरूरत होती है। आइए माइग्रेन होने के कारण और इससे राहत पाने के तरीकों के बारे में जानते हैं।
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चिंता-तनाव के कारण माइग्रेन की समस्या - फोटो : Pixabay
मानसिक विकारों के कारण माइग्रेन की समस्या

शोधकर्ताओं ने पाया कि चिंता-तनाव और अवसाद जैसी स्थितियों में माइग्रेन की समस्या होने का खतरा अधिक होता है। यही कारण है कि माइग्रेन की स्थिति में स्वास्थ्य विशेषज्ञ आमतौर पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी पूछते हैं। कुछ अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सिज़ोफ्रेनिया और माइग्रेन के बीच नैदानिक संबंध पाया है। यही कारण है कि डॉक्टर्स कहते हैं कि यदि आपको लंबे समय से माइग्रेन की दिक्कत बनी हुई है और सामान्य उपचार माध्यमों से यह ठीक नहीं हो रही है तो इस बारे में किसी मनोरोग विशेषज्ञ की मदद ली जानी चाहिए। आइए जानते हैं कि माइग्रेन में किन उपायों को प्रयोग में लाकर आराम पाया जा सकता है?
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माइग्रेन में क्या खाना चाहिए? - फोटो : Pixabay
अदरक है माइग्रेन में फायदेमंद

नैदानिक परीक्षणों की समीक्षा में शोधकर्ताओं ने पाया कि अदरक से माइग्रेन की समस्या में लाभ पाया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि अदरक का पाउडर माइग्रेन से पीड़ित लोगों के इलाज में सुरक्षित और प्रभावी हो सकता है। इससे 2 घंटे में माइग्रेन के दर्द को काफी हद तक कम करने और मतली और उल्टी को रोकने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि सभी लोगों में यह उपचार प्रभावी नहीं है। इसकी प्रमाणिकता के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।

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तनाव को प्रतिबंधित करने से माइग्रेन से मिलता है लाभ - फोटो : Pixabay
स्ट्रेस मैनेजमेंट से मिलता है लाभ

चूंकि अध्ययन इस बात की पुष्टि करते आए हैं कि माइग्रेन, मनोरोग विकारों के कारण होने वाली समस्या हो सकती है, ऐसे में स्ट्रेस मैनेजमंट के उपायों को प्रयोग में लाकर माइग्रेन में लाभ पाया जा सकता है। डॉक्टर्स कहते हैं, 10 में से 7 लोगों में तनाव के कारण माइग्रेन के लक्षण पैदा होते हैं। गुनगुने पानी से स्नान, संगीत सुनना या लंबी सांस लेने वाले स्ट्रेस मैनेजमंट के उपायों से माइग्रेन की स्थिति में लाभ पाया जा सकता है।
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माइग्रेन में मैग्नीशियम वाली चीजों से लाभ - फोटो : iStock
मैग्नीशियम वाली चीजों का करें सेवन

शरीर के लिए मैग्नीशियम, आवश्यक खनिजों में से एक है, इसकी कमी से भी माइग्रेन हो सकता है। शोध में पाया गया है कि मैग्नीशियम सप्लीमेंट्स लेने से कुछ लोगों को माइग्रेन अटैक की स्थिति में लाभ मिल सकता है। आहार के माध्यम से भी मैग्नीशियम वाली चीजों का सेवन करके लाभ पाया जा सकता है इसके लिए चोकरयुक्त गेहूं, पालक, बादाम, काजू और मूंगफली, डार्क चॉकलेट और एवोकाडो का सेवन किया जा सकता है। ध्यान रहे बिना किसी डॉक्टरी सलाह के मैग्नीशियम या किसी भी प्रकार का सप्लीमेंट्स नहीं लिया जाना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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