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Health Alert: नींद की कमी बना सकती है आपको हृदय रोगी, इसके कारण समय से पहले मौत का भी खतरा

Tue, 12 Sep 2023 05:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नींद न आने की समस्या - फोटो : istock
क्या आप रात में अच्छी नींद ले पा रहे हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह वैश्विक स्तर पर चर्चा में काफी बड़ा प्रश्न है, क्योंकि नींद पूरी न हो पाने की समस्या बड़ी चिंता बनकर उभरती हुई देखी जा रही है। विशेषकर कोरोना महामारी के बाद यह जोखिम और भी बढ़ गया है, लगभग हर उम्र के लोगों में इसका खतरा देखा जा रहा है।

अध्ययनकर्ता कहते हैं, सभी लोगों के लिए रात में कम से कम आठ घंटे की निर्बाध नींद बहुत जरूरी है। नींद की कमी होने से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम हो सकता है।

अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि जिन लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है, उनमें समय के साथ कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों के विकसित होने का खतरा हो सकता है। यह आपमें हृदय रोगों के साथ, डायबिटीज की जटिलताओं को बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करने वाली समस्या हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम सभी रात में निर्बाध नींद लेना जरूर सुनिश्चित करें।
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हृदय रोगों की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
हृदय की गंभीर समस्याओं का जोखिम

क्या आप रात में 6 घंटे से कम सोते हैं? अगर हां तो आपको हृदय रोग होने की अधिक आशंका है। डॉक्टर निश्चित नहीं हैं कि यह कैसे काम करता है, लेकिन माना जाता है कि नींद की कमी से रक्तचाप और तनाव बढ़ जाता है जो सीधे तौर पर हृदय के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने सोने में परेशानी और हार्ट फेलियर के जोखिमों के बीच संबंधों को लेकर भी अलर्ट किया है।
 
शोध के मुताबिक अनिद्रा की समस्या शरीर की तनाव प्रतिक्रिया को ट्रिगर करती है, जो समय के साथ आपके दिल को कमजोर कर सकती है।
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हार्ट फेलियर का जोखिम - फोटो : istock
हार्ट फेलियर का खतरा

जर्नल में छपी अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों का कहना है कि हृदय विफलता एक दीर्घकालिक समस्या है जो अनुमानित 60 लाख अमेरिकी लोगों को प्रभावित करती है। हार्ट फेलियर से पीड़ित लोगों की संख्या 2030 तक 46% (8 मिलियन से अधिक) बढ़ने का अनुमान है। इसके लगभग 75% रोगियों में निदान के दौरान नींद की गड़बड़ी (एसडी) या अनिद्रा जैसी समस्याओं का पता लगाया गया है।

नींद पूरी होने की समस्या उन स्थितियों को भी बढ़ाने लगती है जिसके कारण हृदय की गंभीर बीमारियों के विकसित होने का भी जोखिम रहता है।

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अधिक वजन की समस्या - फोटो : iStock
बढ़ सकता है आपका वजन

एक अन्य शोध में पाया गया कि यदि आप रात में 6 घंटे से कम सोते हैं, तो इसके कारण शरीर में वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। इसे व्यवस्थित रखने के लिए आपको रोजाना कम से कम 8 घंटे सोना चाहिए। जब आप कम नींद लेते हैं तो आपका शरीर बहुत अधिक इंसुलिन बनाता है, जिससे वजन बढ़ सकता है। यह आपके भूख को प्रभावित करने वाले हार्मोन्स के लिए भी दिक्कतों को बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है।

डॉक्टर बढ़े हुए वजन की स्थिति को भी गंभीर हृदय रोगों के खतरे से जोड़कर देखते हैं।
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नींद विकारों की समस्या और जोखिम - फोटो : istock
समय से पहले मृत्यु का खतरा

यदि आप रात में 5 घंटे से कम सोते हैं तो यह स्थिति आपमें समय से पहले मृत्यु के खतरों को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। नींद की समस्याएं कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने वाली मानी जाती हैं। जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है उनमें हृदय रोगों की समस्या के साथ डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और तंत्रिकाओं की दिक्कत भी होने लगती है, जो समय से पहले मृत्यु के कारणों में से एक हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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