गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसफंक्शन की दिक्कतें
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हल्के लक्षण वाले लोगों में भी दिक्कत
शोधकर्ताओं ने बताया, अधिकतर लोगों का मानना रहा है कि कोविड की गंभीर स्थिति ही लॉन्ग कोविड के दुष्प्रभावों को बढ़ाती है, पर हालिया शोध स्पष्ट करते हैं कि कोरोना के हल्के संक्रमण भी पाचन विकारों के उच्च जोखिम से जुड़े हो सकते हैं। अध्ययन से पता चला कि संक्रमण से ठीक होने के बाद 6 महीने तक लोगों में पेप्टिक अल्सर, लिवर रोग, पित्ताशय की बीमारी और अग्नाशय से संबंधित समस्याओं का खतरा अधिक था। जीईआरडी और जीआई डिसफंक्शन का जोखिम कम से कम एक वर्ष तक देखा गया है।
जिन लोगों को एक से अधिक बार कोविड-19 हुआ था, उनमें अग्नाशय रोग होने की आशंका उन लोगों की तुलना में दोगुनी से अधिक थी, जो कभी भी संक्रमण का शिकार नहीं रहे हैं।