युवाओं में बढ़े डायबिटीज के केस
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महामारी के दौरान बढ़े टाइप 1 डायबिटीज के केस
मौतों में वृद्धि के साथ-साथ, शोधकर्ताओं ने पाया कि आईसीयू में भी मधुमेह रोगियों की भर्ती में चौंकाने वाली वृद्धि हुई है। बच्चों और किशोरों में डायबिटिक केटोएसिडोसिस (डीकेए) के मामले भी बढे़ हैं। डीकेए मधुमेह की एक संभावित गंभीर जटिलता है, जिससे शरीर में विषाक्तता बढ़ने, उल्टी-पेट दर्द, पेशाब से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि महामारी के दौरान टाइप-1 डायबिटीड के भी उम्मीद से अधिक नए मामले सामने आए हैं। इस प्रकार के मधुमेह वाले लोग महामारी के दौरान अधिक बीमार भी हुए। टाइप-2 डायबिटीज की तुलना टाइप 1 डायबिटीज के केस कम देखे जाते रहे हैं। ये एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसका आमतौर पर बचपन में निदान किया जाता है।