कोरोना के जोखिम कारक
- फोटो : Pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?
जर्नल ऑफ इंफेक्शन एंड पब्लिक में प्रकाशित किए गए रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना का वायरस मोबाइल फोन जैसी कांच की सतहों पर 28 दिनों तक जीवित रह सकता है। दुनिया भर में सात अरब से अधिक मोबाइल फोन उपयोग में हैं, ये उपकरण प्रभावी रूप से कोरोना संक्रमण के लिए 'थर्ड हैंड' के रूप में कार्य करते हैं।
विश्वविद्यालय में आणविक जीवविज्ञान के प्रमुख शोधकर्ता और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लोटी ताजौरी का मानना है कि संक्रामक रोगों की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए ये बड़ा जोखिम कारक है। लॉकडाउन, सीमा बंदी, सामाजिक दूरी जैसे कड़े नियंत्रण उपायों के बावजूद, कोविड-19 के तेजी से वैश्विक प्रसार के लिए यह बड़ा जोखिम हो सकता है, जिसे हमेशा हम अपने साथ लेकर घूम रहे होते हैं।