स्वस्थ शरीर के लिए विशेषज्ञ स्लीप साइकल को ठीक रखने पर विशेष जोर देते हैं, इसमें सोने-जागने के निर्धारित समय और नींद की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। नींद की गुणवत्ता का संपूर्ण स्वास्थ्य पर असर देखा जा सकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है, उनमें कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के विकसित होने का जोखिम अधिक होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं नींद की गुणवत्ता के साथ इसकी अवधि का ख्याल रखना भी बहुत आवश्यक है, अक्सर लोगों की स्लीप साइकल में एक बड़ी समस्या देखी गई है, कई लोगों को रात में देर तक जगने की आदत होती है। यह आदत भले ही सामान्य लगती हो, पर सेहत पर इसके कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को रात में 6-8 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है। इसके लिए रात में 10 से सुबह 6 बजे तक सोने के समय को सबसे गुणवत्तापूर्ण नींद वाला माना जाता है, हालांकि अक्सर देखने को मिलता है कि अधिकतर लोग रात में 12-1 बजे सोते हैं। यह आदत आपकी स्लीप साइकल को बिगाड़ देती है, जिससे नींद पूरी न होने के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का खतरा हो सकता है। आइए जानते हैं कि रात में देर से सोने के क्या नुकसान हैं?