दुनिया में पहली बार आईवीएफ तकनीक से पैदा हुईं लुईस ब्राउन (फाइल फोटो)
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मिरियम के लिए ये हर हफ्ते का काम हो गया। वो मंगलवार को अंडा खोजतीं, बुधवार को उसे स्पर्म के साथ मिलाती और शुक्रवार के दिन उसे माइक्रोस्कोप से देखतीं। ये काम वो 6 साल से भी ज्यादा समय तक करती रहीं। फरवरी 1944 में एक शुक्रवार को उन्हें कामयाबी मिल ही गई। हालांकि मिरियम खुद इस तरीके से बच्चा पैदा करने के हक में नहीं थीं। ये बात खुद उन्होंने एक बार एक रिपोर्टर को बताई थी। 1978 में दुनिया का पहली बार इन विट्रो फर्टिलाइजर (आईवीएफ) तकनीक से बच्चा पैदा हुआ था। उसका नाम है लुईस ब्राउन। 2017 में अमेरिका में सबसे ज्यादा 2,84,385 महिलाओं ने इस तकनीक से गर्भ धारण किया। इनसे 78,052 बच्चे दुनिया में आए। मेडिकल साइंस के इतिहास में ये कोई रातों-रात होने वाला करिश्मा नहीं था। बल्कि वर्षों की मेहनत, तकनीकी महारत और सब्र का नतीजा था।