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International Yoga Day 2023: योग से अब तक के सबसे बड़े फायदे का दावा, इस जानलेवा रोग से बचाव में असरदार

Wed, 21 Jun 2023 08:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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योग से होने वाले लाभ - फोटो : istock
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, योगासनों की आदत हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। तमाम अध्ययनों में इससे होने वाले शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ के बारे में पता चलता है। स्ट्रेस-डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से लेकर ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और थकान-कमजोरी को दूर करने तक के लिए योग से होने वाले फायदों का जिक्र मिलता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या में योगासनों को जरूर शामिल करना चाहिए, ये आपको मौजूदा समय की 40 फीसदी बीमारियों से सुरक्षा देने के लिए काफी है।

वैश्विक स्तर पर योग के अभ्यास को बढ़ावा देने और इससे होने वाले फायदों के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने योगासनों से होने वाले अब तक के सबसे बड़े स्वास्थ्य लाभ के बारे में बताया है। आइए इस बारे में जानते हैं।
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कैंसर के बढ़ते खतरे से बचाव - फोटो : istock
योग से कम हो सकता है कैंसर का खतरा

शोधकर्ताओं ने बताया, योग से हृदय रोगों और डायबिटीज के जोखिमों को कम करने वाले परिणाम देखे गए हैं। पर इस शोध में पाया गया है कि यह  कैंसर रोगियों में थकान को कम करने और बीमारी के फैलने, वापस आने या मृत्यु के जोखिम तक को कम कर सकता है। यदि आप रोजाना 30 मिनट वॉकिंग और योग का अभ्यास करते हैं तो इससे कैंसर जैसे गंभीर रोगों से संबंधित खतरों को भी कम किया जा सकता है। 
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योग के कैंसर को कम करने वाले प्रभाव - फोटो : Pixabay
अध्ययन में दिखे बेहतर परिणाम

दुनिया के सबसे बड़े कैंसर सम्मेलन अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी (एएससीओ) की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किए गए अध्ययन में योग से कैंसर को कम करने वाले प्रभावों के बारे में बताया गया है।

अध्ययन में 56 वर्ष की औसत आयु वाले 500 से अधिक कैंसर रोगियों को को शामिल किया गया। उन्हें एक महीने के लिए योग करने या अन्य स्वास्थ्य शिविरों में भेजा गया। प्रत्येक समूह के रोगियों ने चार सप्ताह तक सप्ताह में दो बार 75 मिनट के योग या व्यायाम सत्र में भाग लिया। इसके बाद मरीजों की कई तरह की ब्लड टेस्टिंग की गई जिसमें आश्चर्यजनक परिणाम देखने को मिले।

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योग को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा - फोटो : Istock
रोगियों में कम हुए इंफ्लेमेटरी मार्कर

यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के नेतृत्व में किए गए शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने योग किया उनमें दूसरे समूह के रोगियों की तुलना में "प्रो-इंफ्लेमेटरी मार्करों का स्तर काफी कम था। इंफ्लेमेटरी मार्कर कैंसर के लिए बड़ा खतरा माने जाते रहे हैं। शोधकर्ताओं ने बताया- हमारे डेटा से पता चलता है कि योग, कैंसर वाले लोगों में इंफ्लामेशन को काफी कम कर सकता है। ऐसा होने से न सिर्फ कैंसर को और बढ़ने से रोका जा सकता है साथ ही ये कैंसर की पुनरावृत्ति को भी कम कर सकता है।
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जरूर करें योग का अभ्यास - फोटो : Istock
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

प्रमुख शोधकर्ता करेन मस्टियन कहते हैं, "मैं सभी डॉक्टरों से सिफारिश करता हूं कि उन्हें कैंसर रोगियों के इलाज के साथ उपचार के विकल्प के रूप में योग करने की सलाह जरूर देनी चाहिए। थकान दूर करने और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने के लिए योग बेहतर विकल्प है।

एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि सक्रिय रहने वाले कैंसर रोगियों में अन्य रोगियों की तुलना में समय से पहले मृत्यु का खतरा भी कम रहता है। यही कारण है कि योग किसी वरदान से कम नहीं है, सभी लोगों को इसे दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए।


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स्रोत और संदर्भ
Walking and yoga ‘can cut risk of cancer spreading or returning’

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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