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कोरोना की तीसरी लहर: आईसीएमआर विशेषज्ञों ने दी राहत भरी जानकारी, इस बात को लेकर किया अलर्ट

Sun, 27 Jun 2021 01:58 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोनावायरस की तीसरी लहर से बचाव - फोटो : PIB
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण की गंभीरता के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ डेल्टा वेरिएंट को मुख्य कारक के रूप में देख रहे हैं। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि डेल्टा का म्यूटेटेड रूप डेल्टा प्लस वेरिएंट, भारत में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। कोरोना की तीसरी लहर कब आएगी और यह कितनी गंभीर होगी, ऐसे सवाल आपके मन में भी जरूर होंगे। इन सबको लेकर लगातार फैल रही भ्रामक जानकारियों के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के महामारी विशेषज्ञों ने तीसरी लहर की गंभीरता को लेकर बड़ा दावा किया है। डॉ समीरन पांडा ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर, दूसरी जितनी गंभीर नहीं होगी। लोगों को इससे बहुत ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है, हांलाकि बचाव के उपायों को अपनाने में भी कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
डॉ समीरन ने कहा कि देश में टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाने के साथ कोविड उपयुक्त व्यवहार को प्रयोग में लाकर तीसरी लहर की गंभीरता को कम करने में विशेष मदद मिल सकती है। यह खबर निश्चित ही सुकून देने वाली है, आइए इस लेख में जानते हैं कि महामारी विशेषज्ञों ने तीसरी लहर को लेकर और किन महत्वपूर्ण बातों पर जोर दिया है?
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आईसीएमआर वैज्ञानिकों ने दी जानकारी - फोटो : social media
अध्ययन में सामने आई यह बात
इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईजेएमआर) में प्रकाशित मैथमेटिकल मॉडलिंग विश्लेषण पर आधारित एक अध्ययन में वैक्सीनेशन और तीसरी लहर की रोकथाम विषय पर प्रकाश डाला गया है। अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि देश में वैक्सीनेशन अभियान को अगर और तेज कर दिया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो सके, तो तीसरी लहर को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
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कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा प्लस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
ज्यादा गंभीर नहीं होगी तीसरी लहर
'भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर की संभावना: एक गणितीय मॉडलिंग आधारित विश्लेषण' नाम से इस अध्ययन को आईसीएमआर में डीजी बलराम भार्गव, संदीप मंडल और समीरन पांडा द्वारा लिखा गया है। निष्कर्ष में विशेषज्ञों ने बताया है कि कई स्तर पर किए गए अध्ययन के आधार पर कहा जा सकता है कि तीसरी लहर के ज्यादा गंभीर होने की आशंका कम है। 

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वैक्सीनेशन से मिलेगी कामयाबी - फोटो : PTI
देश में तेजी से हो रहा है वैक्सीनेशन
विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी लहर के खत्म होने के तीन महीने की अवधि में देश की 40 फीसदी आबादी को वैक्सीन की दोनों खुराक मिलने की उम्मीद की जा रही है। अगर ऐसा होता है कि तो तीसरी लहर में कोरोना के सिम्टोमेटिक मामलों में 55 फीसदी तक की कमी होने की उम्मीद की जा रही है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक देश की करीब 20 फीसदी आबादी को वैक्सीन की कम से कम एक खुराक मिल चुकी है वहीं करीब 4 फीसदी लोगों का पूरी तरह से टीकाकरण हो लगाया गया है। केंद्र सरकार ने इस साल के अंत कर सभी वयस्कों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है।
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कोविड नियमों का पालन जरूर करें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कोविड उपयुक्त व्यवहार की पालन आवश्यक
डॉ. पांडा कहते हैं, दूसरी लहर में दिखे गंभीर परिणामों से सीख लेने की जरूरत है, तीसरी लहर से बचाव में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। देश में भले ही कोरोना के मामले कम हो रहे हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के प्रति लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है। मास्क लगातार और सही तरीके से पहनने के साथ टीकाकरण कराना सभी लोगों के लिए बेहद आवश्यक है। तीसरी लहर को गंभीर बनने से रोकने में इनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।
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स्रोत और संदर्भ: 
Indian journal of medical research

अस्वीकरण नोट: यह लेख इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईजेएमआर) में प्रकाशित मैथमेटिकल मॉडलिंग विश्लेषण पर आधारित एक अध्ययन
के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बीमारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
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