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विशेषज्ञ ने बताया: इस वजह से बढ़ रही है हाइपरटेंशन की समस्या, जानिए बिना दवाइयों के इसे कैसे कर सकते हैं कंट्रोल?

Tue, 29 Mar 2022 07:11 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रक्तचाप को कैसे कंट्रोल किया जाता है - फोटो : Pixabay
अनियंत्रित उच्च रक्तचाप मौजूदा समय की सबसे बड़ी और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसे साइलेंट किलर बीमारी के रूप में जाना जाता है, जो आगे चलकर हृदय रोगों का कारण बन सकती है। इतना ही नहीं अगर उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) का समय पर इलाज न किया जाए तो इससे किडनी फेलियर, फेफड़ों-हृदय और यहां तक कि ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी काफी बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और इंपीरियल कॉलेज लंदन द्वारा जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पिछले तीन दशक में उच्च रक्तचाप वाले वयस्कों की संख्या 650 मिलियन से बढ़कर 1.28 बिलियन हो गई है। 

वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती इस समस्या की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक लगभग आधे से अधिक लोगों को पता नहीं होता है कि उन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है, इसलिए इसके शुरुआती संकेतों को अनदेखा न करें। सामान्य जीवन से संबंधित कुछ कारक इस समस्या को बढ़ा देते हैं, जिसको लेकर लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है खतरनाक - फोटो : iStock
हाई ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाले कारक
वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ और लेखक डॉ माइकल ग्रेगर ने हाल ही में उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करने के कुछ आसान उपायों के बारे में जानकारी दी है। अपने लेख में वह बताते हैं, नवीनतम वैज्ञानिक अध्ययनों से निष्कर्ष निकलता है कि इस समस्या से बचाव के लिए आहार का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। अमेरिकी कॉलेज के छात्रों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि जो लोग मांसाहार का अधिक सेवन करते हैं, उनमें उच्च रक्तचाप की समस्या अधिक हो सकती है। इसे प्रमुख कारक के तौर पर देखा जाना चाहिए। 
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ब्लड प्रेशर के लिए आहार का रखें खास ख्याल - फोटो : Pixabay
प्लांट बेस्ड खाद्य पदार्थ लाभदायक
शोध के दौरान  डॉ ग्रेगर ने पाया कि जब इस समूह के छात्रों ने कुछ समय तक मांस वाले आहार को छोड़कर पौधे पर आधारित चीजों का सेवन बढ़ा दिया तो उनमें रक्तचाप सामान्य हो गया। इतना ही नहीं उनमें से कई जो हाई बीपी के लिए दवा ले रहे थे, आहार में इस तरह के परिवर्तन के बाद उनकी दवाइयों की आवश्यकता भी कम हो गई।

डॉ ग्रेगर कहते हैं कि हाइपरटेंशन की समस्या से बचाव के लिए  पौधे पर आधारित भोजन आपके लिए विशेष लाभदायक हो सकता है।

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पौधों पर आधारित आहार के फायदे - फोटो : Istock
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
लेख में आहार विशेषज्ञ डॉ ग्रेगर ने यह भी उल्लेख किया है कि दूध, डेयरी, मछली, अंडे, चिकन जैसी चीजों का भी नियमित सेवन हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ा सकता है। इस बढ़ती स्वास्थ्य समस्या के जोखिम को कम करने के लिए प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर भोजन में साबुत अनाज और पौष्टिक सब्जियों को शामिल करके बिना दवाइयों के भी इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
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स्वस्थ चीजों का सेवन करें सुनिश्चित - फोटो : iStock
ऐसा होना चाहिए आहार
आहार विशेषज्ञ के मुताबिक हाइपरटेंशन के जोखिम को कम करने के लिए कुछ सामान्य सी बातों का सभी लोगों को ध्यान रखना आवश्यक है। 
  • फल, सब्जियों का अधिक सेवन और कम फैट वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करें।
  • उन खाद्य पदार्थों में कटौती करें जिनमें सेचुरेटेड और ट्रांस फैट के साथ कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है।
  • साबुत अनाज, मछली, चिकन और नट्स का सेवन करें।
  • सोडियम, मिठे खाद्य-पेय और रेड मीट का सेवन बहुत ही नियंत्रित मात्रा में करें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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