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सलाह: हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ कैल्शियम से नहीं चलेगा काम, इन पोषक तत्वों का सेवन भी जरूरी

Sat, 09 Oct 2021 07:17 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हड्डियों को कैसे रखें स्वस्थ - फोटो : pixabay
शरीर की गतिविधि और संरचना को ठीक रखने के लिए हड्डियों का स्वस्थ रहना सबसे आवश्यक होता है। हड्डियों में होने वाली किसी भी तरह की समस्या का असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है, जिससे दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों को करने में भी लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक करीब एक दशक पहले तक माना जाता था हड्डियों की कमजोरी और इससे संबंधित तमाम तरह की बीमारियों का खतरा उम्र बढ़ने के साथ होता है, हालांकि अब काफी कम उम्र के लोगों को भी तमाम तरह की हड्डियों से संबंधित परेशानियों से ग्रसित पाया जा रहा है। इसके पीछ खराब जीवनशैली और आहार में पौष्टिकता की कमी को मुख्य कारण माना जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यदि कम उम्र से ही आहार को बेहतर रखा जाए तो जोड़ों में दर्द, गठिया और हड्डियों की अन्य कई समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। मौजूदा समय में भोजन की पौष्टिकता और हमारी शारीरिक सक्रियता दोनों ही कम हो गई हैं, इसका सीधा असर हड्डियों को कमजोर कर रहा है। आमतौर पर अवधारणा है कि हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ कैल्शियम का सेवन किया जाना चाहिए, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ कैल्शियम से ही काम नहीं चलेगा, इसके साथ कुछ अन्य विटामिनों का सेवन भी आवश्यक है। आइए उस बारे में जानते हैं। 
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हड्डियों के लिए विटामिन डी की आवश्यकता - फोटो : Pixabay
विटामिन-डी का सेवन जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम के साथ विटामिन डी का सेवन भी जरूरी है। विटामिन-डी, वसा में घुलनशील है जो हड्डियों को मजबूत रखने के साथ घनत्व में सुधार करके उन्हें स्वस्थ रखता है। सूर्य के प्रकाश को विटामिन डी का सबसे बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इतना ही नहीं यह शरीर में कैल्शियम के बेहतर अवशोषण में भी मदद करता है जिससे हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिलती है। सूरज की रोशनी के अलावा भिंडी, पालक और सोयाबीन, मूंगफली से विटामिन-डी प्राप्त किया जा सकता है।
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प्रोटीन का सेवन आवश्यक - फोटो : iStock
प्रोटीन
प्रोटीन को सामान्यतौर पर मांसपेशियों को मजबूती देने वाले पोषक तत्व के रूप में जाना जाता है, हालांकि अध्ययनों से पता चलता है कि हड्डियों को स्वस्थ रखने में भी इस पोषक तत्व की महत्वपू्र्ण भूमिका हो सकती है। हड्डियों के द्रव्यमान को बेहतर बनाए रखने और हड्डियों के क्षरण की दर को कम करने में इस पोषक तत्व की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। हड्डियों की कुल मात्रा का 50 फीसदी प्रोटीन होता है ऐसे में सभी लोगों को आहार में मांस, अंडे, बीन्स और दाल जैसे प्रोटीन से भरपूर चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए।

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विटामिन सी के लाभ - फोटो : Pixabay
विटामिन-सी
अक्सर लोगों को आश्चर्य होता है कि हड्डियों को स्वस्थ रखने में विटामिन-सी का क्या भूमिका हो सकती है? हालांकि, जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित एक समीक्षा के अनुसार, विटामिन सी हड्डियों के स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह पोषक तत्व हड्डियों के विकास में मदद करता है और लंबे समय में ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे से सुरक्षा दे सकता है। खट्टे फलों के माध्यम से एक दिन में 500 से 1000 मिलीग्राम विटामिन सी हड्डियों को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है।
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मैग्नीशियम के फायदे - फोटो : iStock
मैग्नीशियम
शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए मैग्नीशियम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हड्डी के ऊतकों में मैग्नीशियम की मात्रा 60 फीसदी पाई जाती है। कई अध्ययनों से साबित होता है कि मैग्नीशियम से भरपूर आहार हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं। नट्स, साबुत अनाज, फलियां और सीड्स जैसे खाद्य पदार्थ मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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