Research
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नई रिसर्च में देखा गया कि कांच, कागज, प्लास्टिक के नोटों और स्टील पर ये वायरस कितनी देर तक जीवित रह सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि इन सभी सतहों पर 20 डिग्री सेल्सियस पर 28 दिनों के बाद भी वायरस का पता लगाया जा सकता है। इसमें वायरस के जीवित रहने का वक्त पहले के शोध से कहीं अधिक बताया गया है। ये शोध जिन परिस्थितियों में किया गया वो वायरस के अनुकूल थे, मसलन अंधेरा कमरा, स्थिर तापमान और नम हवा। लेकिन असल जिंदगी में वायरस को अपने अनुकूल परिस्थिति कम ही मिलती है। फिर भी, शोध के ये नतीजे एक बार फिर बताते हैं कि संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए नियमित रूप से हाथ धोने और टचस्क्रीन को धोने या सैनिटाइज करने की जरूरत है। साथ ही संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए हमें अपना चेहरा छूने से बचना चाहिए।