कोरोना वायरस
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हवा में तीन घंटे तक
इस दिशा में अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की रिसर्चर नीलजे वान डोरमलेन और उनके साथी पहला टेस्ट कर भी चुके हैं। इनकी रिसर्च के मुताबिक कोविड-19 वायरस खांसने के बाद हवा में तीन घंटे तक जिंदा रह सकता है।
जबकि खांसने पर मुंह से निकले 1 से 5 माइक्रोमीटर साइज के ड्रॉपलेट हवा में कई घंटों तक जिंदा रह सकते हैं। NIH की रिसर्च के मुताबिक SARS-CoV-2 वायरस, गत्ते पर 24 घंटे तक जिंदा रहता है। जबकि प्लास्टिक और स्टील की सतह पर 2 से 3 दिन तक जिंदा रहता है।
रिसर्च तो ये भी कहती हैं कि ये वायरस प्लास्टिक या लेमिनेटेड हैंडल या किसी सख्त सतह पर ज्यादा देर तक रह सकता है। जबकि तांबे की सतह पर ये वायरस चार घंटे में मर सकता है।