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प्लास्टिक और स्टील से लेकर कपड़ों तक, किसी सतह पर कितनी देर जिंदा रहता है कोरोना वायरस?

Sun, 10 May 2020 06:28 PM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
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कोरोनावायरस के खिलाफ जागरूकता(File Photo) - फोटो : पीटीआई
नए कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते इन दिनों दुनिया भर में बड़े पैमाने पर सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। बाजारों में, सड़कों पर, घर की सोसाइटी में, यहां तक की एटीएम मशीन तक को सैनिटाइज किया जा रहा है। 

जिन दफ्तरों में अभी भी काम किया जा रहा है वहां कर्मचारियों के घुसने से पहले पूरे ऑफिस की अच्छे से साफ-सफाई हो रही है। कीटनाशक छिड़के जा रहे हैं। क्योंकि, माना ये जा रहा है कि कोरोना वायरस किसी भी चीज की सतह पर मौजूद हो सकता है।

सांस के सिस्टम पर हमला करने वाले किसी भी तरह के वायरस की तरह कोविड-19 भी खांसने या छींकने पर मुंह से निकलने वाली छोटी-छोटी बूंदो से फैलता है।
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
कीटाणुओं से मुक्ति
सिर्फ एक बार खांसने पर मुंह से करीब तीन हजार बूंदें निकलती हैं। ये छोटी-छोटी बूंदें आस-पास रखे सामान, कपड़ों वगैरह की सतह पर गिरती हैं। और जो बूंदे बहुत ही ज्यादा छोटी होती हैं, वो हवा में ही तैरती रहती हैं।

यहां तक कि अगर कोई शौचालय से आकर हाथ नहीं धोता है और किसी चीज को छू लेता है, तो वो उस वस्तु को संक्रमित कर देता है। इसी तरह अगर कोविड-19 संक्रमित कोई व्यक्ति कहीं खांसता या छींकता है तो वो आस-पास का माहौल संक्रमित कर देता है।

इसीलिए, अमेरिका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन और WHO लगातार कहते रहे हैं कि अगर कोविड -19 को फैलने से रोकना है, तो आस-पास का वातावरण कीटाणु मुक्त बनाना जरूरी है।
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
रिसर्च जारी है
हालांकि अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि कितने लोग संक्रमित जगह छूने से कोरोना के शिकार हुए हैं। अभी तक साफ तौर पर ये भी पता नहीं चल पाया है कि कोविड-19 का वायरस इंसान के शरीर के बाहर कितनी देर जिंदा रहता है। कोरोना परिवार के अन्य वायरस जैसे सार्स (SARS) और मर्स (MERS) के वायरस मेटल, शीशा और प्लास्टिक पर 9 दिन तक जिंदा रहते हैं। 

बशर्ते कि संक्रमित जगह को साफ ना किया जाए। कम तापमान में तो कई वायरस 28 दिन से ज्यादा तक जिंदा रह सकते हैं। SARS-CoV-2 किसी चीज की सतह पर कितनी देर जिंदा रह सकता है, इस पर अभी रिसर्च जारी है।

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कोरोना वायरस - फोटो : Amar Ujala
हवा में तीन घंटे तक
इस दिशा में अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की रिसर्चर नीलजे वान डोरमलेन और उनके साथी पहला टेस्ट कर भी चुके हैं। इनकी रिसर्च के मुताबिक कोविड-19 वायरस खांसने के बाद हवा में तीन घंटे तक जिंदा रह सकता है।

जबकि खांसने पर मुंह से निकले 1 से 5 माइक्रोमीटर साइज के ड्रॉपलेट हवा में कई घंटों तक जिंदा रह सकते हैं। NIH की रिसर्च के मुताबिक SARS-CoV-2 वायरस, गत्ते पर 24 घंटे तक जिंदा रहता है। जबकि प्लास्टिक और स्टील की सतह पर 2 से 3 दिन तक जिंदा रहता है।

रिसर्च तो ये भी कहती हैं कि ये वायरस प्लास्टिक या लेमिनेटेड हैंडल या किसी सख्त सतह पर ज्यादा देर तक रह सकता है। जबकि तांबे की सतह पर ये वायरस चार घंटे में मर सकता है।
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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस
रिसर्च ये भी कहती हैं कि 62-71 फीसदी अल्कोहल वाले सैनिटाइजर से कोरोना के वायरस को मिनट भर में निष्क्रिय किया जा सकता है। इसके लिए 0.5 फीसद हाइड्रोजन परॉक्साइड ब्लीच या 0.1 फीसद सोडियम हाइपोक्लोराइट वाली घरेलू ब्लीच भी इस काम के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।

इसके अलावा नमी और तेज तापमान भी इसे खत्म करने में सहायक हो सकते हैं। कुछ रिसर्च तो किसी भी सतह को कीटाणुरहित बनाने के लिए पराबैंगनी रोशनी का इस्तेमाल करने को भी कहती हैं लेकिन ये मानव की त्वचा के लिए घातक हैं।

कपड़ों की सतह तुरंत कीटाणुरहित बनाना थोड़ा मुश्किल है। वैसे अभी ये पता भी नहीं है कि कपड़ों पर ये वायरस कितनी देर जिंदा रहता है।
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कोरोना वायरस - फोटो : social media
आस-पास का वातावरण
रिसर्चरों का कहना है कि इंसान के शरीर में इस वायरस के जाने के बहुत से तरीके हो सकते हैं। अभी रिसर्च के लिए ये वायरस नया है लिहाजा किसी भी बात पर आंख मूंद कर यकीन नहीं किया जा सकता। लेकिन एक बात पर तो किया ही जा सकता है।

नए कोरोना वायरस को हाथ और आस-पास के वातावरण को साफ रखकर ही हराया जा सकता है। जब तक रिसर्च की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं आ जाती आप हाथों को साबुन से साफ रखिए और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखिए।
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