फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus: सामने आई नई जानकारी- इस तरह अपना आकार बदल रहा कोरोना वायरस, ऐसा होना अच्छा है

Mon, 10 Aug 2020 09:20 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
Coronavirus - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच हर दिन नए शोध और अध्ययन सामने आ रहे हैं। वायरस की प्रकृति और प्रभाव से लेकर इसकी दवा और वैक्सीन को लेकर तमाम शोध हो रहे हैं। वायरस के म्यूटेशन को लेकर अबतक कई तरह के शोध हो चुके हैं, जिनमें वायरस के रूप बदलने के बारे में जानकारी सामने आई है। कुछ विशेषज्ञ इसे चुनौती की तरह भी बता चुके हैं। हालांकि कुछेक अध्ययनों में वायरस के स्ट्रेन कमजोर होने की बात भी कही गई थी और बताया गया था कि वैक्सीन बनाने में ऐसी स्थिति मुफीद है। बहरहाल, एक नए शोध अध्ययन में इस वायरस के बारे में बिल्कुल नई जानकारी सामने आई है। 
विज्ञापन

2 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • हेल्थ जर्नल साइंस में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक संक्रमण के बाद कोरोना वायरस का आकार बदलता है। इसकी वजह स्पाइक प्रोटीन बताई गई है। शोध में कहा गया है कि वायरस का स्पाइक प्रोटीन मानव शरीर में पहुंचने के बाद लंबे रॉड का आकार ले लेता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वायरस पर यह नई जानकारी वैक्सीन विकसित करने वाले वैज्ञानिकों के लिए मददगार साबित होगी।
विज्ञापन

3 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या होता है स्पाइक प्रोटीन
  • कोरोना वायरस की बाहरी सतह पर क्राउन (मुकुट) की तरह दिखने वाला जो हिस्सा होता है, वहीं से वायरस प्रोटीन को निकालता है। इसे स्पाइक प्रोटीन कहते हैं। इसी प्रोटीन से संक्रमण की शुरुआत होती है। यह इंसान के एंजाइम एसीई-2 रिसेप्टर से जुड़कर शरीर तक पहुंचता है और फिर अपनी संख्या बढ़ाकर संक्रमण बढ़ाता है।

4 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • अमेरिका के बॉस्टन चिल्ड्रेन अस्पताल की ओर से किए गए इस शोध में कहा गया है कि शरीर में संक्रमण फैलाने के लिए कोरोना वायरस, स्पाइक प्रोटीन के जरिए कोशिकाओं को जकड़ता है। कोशिकाओं को संक्रमित करने के साथ ही वायरस तेजी से अपनी संख्या बढ़ाना शुरू करता है और मरीज की हालत गंभीर होती जाती है।
विज्ञापन

5 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • बॉस्टन चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल के शोधकर्ता डॉ. बिंग चेन और उनकी टीम ने क्रायोजेनिक इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से वायरस का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि स्पाइक प्रोटीन संक्रमण के बाद अपना आकार बदलता है। उन्होंने देखा कि संक्रमण के पहले वह किसी और आकार का है और संक्रमण के बाद यह कुछ और ही दिख रहा था।
विज्ञापन

6 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • ट्रायंगल यानी त्रिभुज की तरह दिखने वाला स्पाइक प्रोटीन, संक्रमण के बाद किसी सख्त हेयरपिन की तरह नजर आ रहा था। यह बदलाव मानव शरीर के ACE-2 रिसेप्टर के संपर्क में आने के बाद शुरू होता है। संक्रमण के बाद स्पाइक प्रोटीन का आकार एंटीबॉडीज को वायरस को निष्क्रिय करने में मदद कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • डॉ. चेन के मुताबिक, स्पाइक प्रोटीन का आकार बदलना यह बताता है कि वायरस किसी भी सतह पर कुछ समय के लिए जिंदा रहता है। इसका बदला हुआ आकार इंसान के इम्यून सिस्टम को गंभीर संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है। संक्रमण के बाद वाला प्रोटीन का 'रॉड आकार' वायरस को न्यूट्रल करने में एंटीबॉडी की मदद कर सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें