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तीसरी लहर से सुरक्षा: यह आयुर्वेदिक चीजें आपको देंगी अंदरूनी मजबूती, घरों में आसानी से उपलब्ध

Sat, 07 Aug 2021 03:28 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शरीर को बनाएं अंदर से मजबूत (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
Medically reviewed by-
आचार्य मनीष
(आयुर्वेदाचार्य)
शुद्धी आयुर्वेद, दिल्ली


कोरोना की इस विकट परिस्थिति ने लोगों को मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली का महत्व समझा दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को कोरोना संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर भी विशेषज्ञों का कहना है कि यह लहर भी उन लोगों के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है। मतलब कोरोना के पिछले डेढ़ साल से अधिक समय का सार देखें तो संक्रमण से मुकाबले के लिए मजबूत इम्यूनिटी को ही सबसे बड़ा हथियार माना जा सकता है।
शरीर में इम्यूनिटी विकसित करने का सबसे आसान तरीका है, आहार में पौष्टिक चीजों को अधिक से अधिक मात्रा में शामिल करना। विशेषज्ञ कहते हैं, घरों में इस्तेमाल होने वाले मसाले, जड़ी-बूटियों, साबुत अनाज, फल और सब्जियां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्राकृतिक रूप से मजबूती देने में सहायक होती हैं। आयुर्वेद में कई ऐसे आहारों का भंडार है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती दे सकती हैं। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ आयुर्वेदिक चीजों के बारे में जानते हैं जिनका सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में मददगार साबित हो सकता है।
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सेहत के लिए फायदेमंद है खजूर - फोटो : iStock
इम्यूनिटी को मजबूती देता है खजूर
आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक खजूर को विटामिन-सी और आयरन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। विटामिन-सी श्वसन समस्याओं को ठीक करने में सहायक होने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देती है, वहीं आयरन को इम्यूनिटी के लिए बेहद कारगर माना जाता है। आयरन, हीमोग्लोबिन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हीमोग्लोबिन, लाल रक्त कोशिकाओं में एक प्रोटीन है जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के सभी भागों में ले जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दिन में 2-3 खजूर का सेवन स्वस्थ रहने के लिए काफी फायदेमंद है। आप इसे चीनी के विकल्प के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
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खाने में करें घी का सेवन - फोटो : pixabay
घी के सेवन के लाभ
आयुर्वेद में घी को पौष्टिक और शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करके स्वस्थ रखने में मदद करती है। घी को विटामिन ए, के, ई, ओमेगा -3 और ओमेगा-9 जैसे पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है, इसके अलावा, यह स्वस्थ वसा और ब्यूटायरेट का भी अच्छा स्रोत है। घी आपके शरीर को गर्म रखने, पाचन को बढ़ावा देने, आंखों की रोशनी तेज करने, त्वचा को अंदर से मॉइस्चराइज़ करने है और बालों के झड़ने की समस्या को कम करने में सहायक है। रोजाना भोजन के साथ एक चम्मच घी का सेवन जरूर करना चाहिए।

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गुड़ खाने के अनेकों फायदे - फोटो : Social media
गुड़ है सेहत के लिए 'गुड'
आयुर्वेद की दुनिया में गुड़ के तमाम फायदों का जिक्र मिलता है, इसे चीनी के स्वस्थ विकल्प के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। गुड़ और चीनी में समान मात्रा में कैलोरी होती है, हालांकि गुड़ पोषक तत्वों से भरपूर होता है जबकि चीनी शरीर के लिए कई तरह से नुकसानदायक मानी जाती है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक गुड़ एंटीऑक्सिडेंट और खनिजों जैसे जिंक और सेलेनियम से भरपूर होता है। ये खनिज संक्रमण के खिलाफ मजबूत प्रतिरोध बनाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा गुड़ को आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्वों का भी भंडार माना जाता है, मजबूत इम्यूनिटी के लिए यह सभी पोषक तत्व बेहद आवश्यक होते हैं।
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तुलसी का पौधा अनेक गुणों से भरपूर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
तुलसी की पत्तियां
आयुर्वेद के साथ विज्ञान भी तुलसी के स्वास्थ्य लाभों को प्रमाणित करता है। हर घर में आसानी से पाई जाने वाली तुलसी की हरी पत्तियों में फाइटोकेमिकल्स, फ्लेवोनोइड्स और एंटीऑक्सिडेंट यौगिक होते हैं। ये यौगिक श्वसन पथ में संक्रमण को ठीक करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं। तुलसी की पत्तियों को विटामिन ए, सी के साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, आयरन और पोटेशियम जैसे खनिजों से भी समृद्ध माना जाता है। रोज सुबह नाश्ते से पहले तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से यह लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।


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नोट: यह लेख प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य आचार्य मनीष के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आचार्य मनीष, शुद्धी आयुर्वेद के संस्थापक हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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