Medically Reviewed by Dr. Ajay Yadav
डॉ. अजय यादव
स्किन रिन्यू क्लिनिक
बीएचएमएस, सीएसडी, सीवीडी, सीसीएच, एनडी
कंसल्टिंग होम्योपैथी फिजिशियन
स्किन एस्थेशियन, ट्राईकोलॉजिस्ट (ऑस्ट्रेलिया)
बहुत बड़ी भ्रांति है ये लोगों के दिमाग में। यह एक बड़ा कारण होता है बीमारी की स्थिति को और बिगाड़ देने के पीछे। जरा सोचिए यदि सिर्फ दवाओं के नाम और असर जान लेने भर से इलाज हो जाया करता तो डॉक्टरों की जरूरत ही क्या होती भला? चलिए बात करते हैं होम्योपैथी के संदर्भ में, जिसकी दवाएं अक्सर लोग इस लाइन के साथ लेते हैं, अरे खा लो, कुछ नहीं होता, इसके साइड इफेक्ट्स थोड़े ही न होते हैं।
'सर्दी-खांसी के लिए कफ सीरप खरीदने दुकान पर खड़े आजिंक्य को पास खड़े एक अंकल ने टोका। बेटा-इसके साथ ये वाली (होम्योपैथी की एक दवाई) भी ले लो। मैं अपने घर में यही इस्तेमाल करता हूं। आजिंक्य को हिचकिचाते देख अंकल ने फिर सलाह दी- अरे दिन में दो बार खा लेना। होम्योपैथी की गोलियां ही तो हैं। कौन सा साइड इफेक्ट होना है इसका!'
'मीनल के पेट में रात से दर्द था। जैसे तैसे घर के काम निपटाए। अजवाइन से लेकर गर्म पानी की थैली तक घरेलू उपाय करने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा था। पास वाली भाभी ने घर पर रखी होम्योपैथी की गोलियां यह कहते हुए पकड़ा दीं कि उनके बेटे को पिछले महीने डॉक्टर ने यही दवाई दी थी। मीनल का दर्द तो ठीक नहीं हुआ। डॉक्टर के पास गए तो पता चला अपेंडिक्स है, जिसका ऑपरेशन करना पड़ेगा।'