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Holi 2022: आध्यात्म के साथ वैज्ञानिक रूप से भी होली की रस्मों के हैं महत्व, जानिए सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है यह त्योहार?

Fri, 18 Mar 2022 12:22 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Holi 2022 होली का उठाएं आनंद - फोटो : iStock
पूरे देश में होली की धूम का मौहाल है। होली एक ऐसा त्योहार है जिसमें लोग आपसी रंजिश और नफरत को भूलकर एक दूसरे को गले लगाते हैं, मिठाइयां खिलाते हैं और प्यार बांटते हैं। प्रसिद्ध किंवदंतियों में होली मनाने को लेकर कई कहानियों का वर्णन मिलता है। हिंदू धर्म में जहां एक तरफ इस त्योहार का आध्यात्मिक महत्व है, वहीं विज्ञान के नजरिए से भी होली के त्योहार और इसमें होने वाले रीति-रिवाजों के स्वास्थ्य लाभ का भी जिक्र मिलता है। होलिका दहन से लेकर प्राकृतिक रंगों से खेलने तक, होली के त्योहार को सेहत के नजरिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है।

पिछले दो साल से होली का त्योहार कोरोना के खतरे के बीच मनाया जाता रहा है। सेहत को लेकर इस बार भी हमारे सामने कई सारी चुनौतियां होंगी। पर इस बार हम होली में बचाव के साथ होली और इससे संबंधित परंपराओं से सेहत को होने वाले फायदों के बारे में जानेंगे। आप भी जानिए यह त्योहार सिर्फ आध्यात्मिक ही नहीं, वैज्ञानिक रूप से भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
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होलिका दहन से प्रकृति होती है साफ - फोटो : iStock
होलिका दहन का महत्व
होली का त्योहार वसंत ऋतु में होता है। इस मौसम में हवा में कई तरह के बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। चूंकि यह हल्की सर्दी और हल्की गर्मी वाला मौसम है, ऐसे में हमें कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया जनित रोगों का खतरा भी होता है। होली से एक दिन पहले होलिका जलाना जहां आध्यात्मिक रूप से बुराई के जलने का प्रतीक है, वहीं इसके कई अन्य लाभ भी हैं। आग की गर्मी के कारण पर्यावरण में मौजूद तमाम तरह के बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। 
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होली खेलना सेहत के लिए फायदेमंद - फोटो : Pixabay
रंगो का सेहत पर असर
होली खेलने के लिए प्राकृतिक रंगों को प्रयोग में लाने की सलाह दी जाती है। ये रंग कई तरह से सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। होली के जीवंत रंगों के संपर्क में आने से हमारे मन और शरीर को कई तरह से लाभ हो सकता है। लाल और चमकीले रंग दिल की धड़कन और श्वास को उत्तेजित करते हैं। पीला और नीला रंग हमारी इंद्रियों पर शांत प्रभाव डालते हैं और हमें आनंद और खुशी का अनुभव कराते हैं।

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होली के रंग - फोटो : Pixabay
प्राकृतिक रंगों के लाभ
परंपरागत रूप से होली के रंगों को प्राकृतिक रूप से हिबिस्कस के फूल, मेंहदी के पत्ते, केसर, चंदन आदि के मिश्रण से तैयार किया जाता है। ये प्राकृतिक रंग न केवल आपकी त्वचा, बालों और आंखों के लिए अच्छे होते हैं, साथ ही ये मृत त्वचा को भी साफ करते हैं। आयुर्वेद में इस तरह की सामग्री का उपयोग त्वचा को चमकदार बनाने के लिए वर्षों से किया जाता रहा है। ध्यान रखें, सिर्फ प्राकृतिक रंगो के ही लाभ हैं, रसायन युक्त रंग कई तरह से नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
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पेट के लिए फायदेमंद है होली की ठंडाई - फोटो : Twitter
ठंडे पेय के फायदे
होली के दिन को ठंडाई और कांजी जैसे प्रसिद्ध पेय बेहद खास बनाते हैं। ये न सिर्फ स्वाद के लिहाज से अच्छे होते हैं साथ ही पेट के लिए यह शीतलक के रूप में कार्य करते हैं। ठंडाई में मिश्रित कई औषधियों में एंटी-ऑक्सीडेंट और पोषक तत्वों की प्रचुरता होती है। स्वादिष्ट दूध के स्वाद वाले ठंडाई में बादाम, तरबूज, सौंफ के बीज और गुलाब की पंखुड़ियों को प्रयोग में लाया जाता है। सेहत के लिए इनका सेवन कई तरह से लाभकारी हो सकता है। 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
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