हृदय रोग और इसके कारण होने वाली मौतों का जोखिम पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण हृदय की सेहत पर नकारात्मक असर देखा जा रहा है। इसके अलावा कोरोना महामारी ने इसकी दिक्कतों को और भी बढ़ा दिया है। इसलिए जरूरी है सभी लोगों को हृदय को स्वस्थ रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। गौरतलब है कि हृदय रोग दुनियाभर में मृत्यु का प्रमुख कारण भी रहे हैं।
हृदय रोगों के जोखिम को कैसे कम किया जाए, समय पर इसकी पहचान कैसे की जाए इसके लिए वैज्ञानिकों की टीम लगातार शोध कर रही है। इस दिशा में ब्रिटिश शोधकर्ताओं को बड़ी कामयाबी मिली है। वैज्ञानिकों ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उपकरण विकसित किया है, दावा किया जा रहा है कि इसकी मदद से किसी व्यक्ति में वेंट्रीकुलर एरिथमिया (वीए) का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
वेंट्रीकुलर एरिथमिया, हृदय गति से संबंधित गंभीर समस्या मानी जाती है जो निचले कक्षों (वेंट्रिकल्स) से उत्पन्न होती है। इसका समय पर निदान-उपचार न हो पाए तो इसके जानलेवा दुष्प्रभाव हो सकते हैं।