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Sleep Disorders: रात में नींद न आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

Fri, 29 Mar 2024 09:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
नींद न आने की समस्या किसी भी उम्र में और कई कारणों से हो सकती है। हालांकि अगर ये दिक्कत लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत माना जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नींद से जुड़ी कठिनाइयां दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। कुछ स्थितियों में इसको गंभीर बीमारियों का संकेत भी माना जाता है जिसको लेकर आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरी हो जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी उम्र के लोगों के लिए जरूरी है कि आप रोज रात में कम से कम 6-8 घंटे की निर्बाध नींद प्राप्त करें। अगर आपको अक्सर नींद लेने में कठिनाई होती है तो इस बारे में समय रहते विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक हो जाता है। कुछ स्थितियों में नींद न आने की समस्या को शरीर में बन रहे गंभीर रोगों के कारण के तौर पर देखा जाता है जिसका समय पर उपचार जरूरी हो जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
नींद विकारों की समस्या

इंडियन जर्नल ऑफ फार्मेसी प्रैक्टिस में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि केरल के तीन जिलों, एर्नाकुलम, इडुक्की और कोट्टायम के बच्चों में नींद की गुणवत्ता की काफी कमी देखी गई है। ज्यादातर बच्चों में समस्या का पता लगाने के दौरान पाया गया कि वह तनावपूर्ण जीवन की घटनाओं और चिकित्सा समस्याओं के शिकार थे। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों-वयस्कों में नींद न आने की समस्या के कारण शारीरिक-मानसिक दोनों प्रकार की सेहत पर गंभीर असर हो सकता है।

आइए जानते हैं कि किन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण नींद प्रभावित हो सकती है?
 
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तनाव और नींद की समस्या - फोटो : Pixabay
स्ट्रेस और डिप्रेशन

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं नींद न आने और अनिद्रा का एक बड़ा कारण हैं। कई रिपोर्टों से पता चलता है कि बच्चों-वयस्कों की जीवनशैली, दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों में कमी और उनके आस-पास के नकारात्मक वातावरण  के कारण अवसाद और चिंता के मामले बढ़ सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य की इन समस्याओं के कारण नींद न आने की दिक्कत सबसे प्रमुख रूप से देखी जाती है। स्ट्रेस और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का समय पर उपचार बहुत आवश्यक है।

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पाचन की समस्या - फोटो : istock
पाचन विकारों की समस्या

अध्ययन के अनुसार, पेट और पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करने वाले लोगों को स्वस्थ लोगों की तुलना में कम नींद का अनुभव हो सकता है। पाचन विकार शारीरिक और मानसिक असहजता को बढ़ाने वाली मानी जाती हैं, जिससे रात में सोना कठिन हो सकता है। इतना ही नहीं आपकी नींद जितनी ज्यादा प्रभावित रहती है, पाचन स्वास्थ्य की दिक्कतों के बढ़ने का खतरा भी उतना ही अधिक हो सकता है, इसलिए नींद की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
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नींद न आने की समस्या - फोटो : iStock
न्यूरोलॉजिकल विकार

न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम काफी कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, ये आपमें नींद से संबंधित समस्याओं का भी कारण बन सकती हैं।  स्लीप एपनिया, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया, अनिद्रा और पैरासोमनिया जैसी न्यूरोलॉजिकल स्थितियां नींद की गुणवत्ता में बाधा डाल सकती हैं और इसके लक्षणों को बढ़ा सकती हैं। न्यूरोलॉजिकल विकारों के कारण क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी असर होता है इसलिए समय रहते इसका उपचार जरूरी हो जाता है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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