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जानना जरूरी: क्या शाकाहारी लोगों में कोरोना का खतरा कम होता है? अध्ययन में सामने आई यह महत्वपूर्ण बात

Fri, 10 Sep 2021 11:56 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण की चपेट में है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए बचाव बहुत आवश्यक है, इसके अलावा वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों को कोराना संक्रमण के गंभीर खतरे और इससे होने वाली मौत से काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है। इस बीच कोरोना से बचाव को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम ने खुलासा किया है कि आपका आहार भी कोरोना के खतरे और बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद कर सकता है। मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल (एमजीएच) के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि जो लोग पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करते हैं, उनमें कोरोना के संक्रमण और इसकी गंभीरता का खतरा कम हो सकता है।
पिछली रिपोर्टों में महामारी से प्रभावित समूहों में खराब पोषण सबसे मुख्य कारण के रूप में सामने आया था। इसी को लेकर अध्ययन कर रही टीम ने पाया कि पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ इस महामारी के दौर में ज्यादा लाभकारी हो सकते हैं। तो क्या यह मान लिया जाए कि शाकाहारी लोगों में कोरोना के गंभीर संक्रमण का खतरा कम होता है? आइए आगे की स्लाइडों में इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कोरोना संक्रमण का खतरा (सांकेतिक) - फोटो : iStock
कोविड-19 में आहार की भूमिका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज जैसी मेटाबॉलिज्म से संबंधित स्थितियां कोविड-19 के जोखिम को बढ़ा देती हैं। पहले से ही ऐसे रोगों के शिकार लोगों में संक्रमण की गंभीरता का जोखिम भी अधिक माना जाता है। इन स्थितियों में आहार की विशेष भूमिका होती है, इसी आधार पर वैज्ञानिकों ने कोरोना के जोखिम को जानने की कोशिश की। इस अध्ययन के निष्कर्ष को गट जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
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कोरोना संक्रमण का खतरा (सांकेतिक) - फोटो : istock
अध्ययन में क्या पता चला?
अध्ययन के प्रमुख लेकर जार्डी मेरिनो और उनके सहयोगियों ने स्मार्टफोन आधारित एक टूल के माध्यम से 592,571 प्रतिभागियों के डेटा की जांच की। अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों से महामारी के पहले उनके आहार संबंधी आदतों के बारे में पूछा गया। इस आधार पर अध्ययनकर्ताओं ने पाया अन्य लोगों की तुलना में जिन लोगों का आहार  पौधों पर आधारित था उनमें कोरोना का संक्रमण होने का डर 9 फीसदी जबकि गंभीर कोविड-19 विकसित होने का जोखिम 41 फीसदी तक कम पाया गया। 

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कोरोना में आहार का ध्यान रखना बेहद जरूरी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
अध्ययन के सह लेखक और वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ एंड्रयू चैन कहते हैं, हमारे अध्ययन से पता चलता है कि व्यक्ति अपने आहार पर ध्यान देकर कोविड-19 के खतरे या इसकी गंभीरता के जोखिम को कम कर सकता है। इस अध्ययन को ध्यान में रखते हुए सरकारों और सभी संस्थाओं को लोगों को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना चाहिए। कोरोना महामारी के इस दौर में सभी लोगों के लिए स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
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पौधों पर आधारित खान-पान का करें सेवन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कोविड-19 और शाकाहार पर वैज्ञानिकों की राय
शोधकर्ताओं का कहना है कि हमारे मॉडल का अनुमान है कि सभी लोग आहार का ध्यान रखते तो कोविड-19 के लगभग एक तिहाई मामलों को रोका जा सकता था। दुनिया के कई देशों में लोगों को दैनिक रूप से पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं हो पा रही है। क्या शाकाहारी लोगों में कोरोना का खतरा कम होता है? इस संबंध में वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा आवश्यक नहीं है, हालांकि यह जरूर कहा जा सकता है कि फल और सब्जियों पर आधारित आहार का अधिक सेवन करके कोरोना से आसानी से मुकाबला जरूर किया जा सकता है। 


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स्रोत और संदर्भ: 
Diet quality and risk and severity of COVID-19: a prospective cohort study

अस्वीकरण नोट: यह लेख मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल (एमजीएच) के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।
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