प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना काल में जिस चीज को लेकर लोगों ने सबसे ज्यादा एक्सपेरिमेंट्स किए हैं, भोजन उनमें से एक है। जैसे भी, जहां से भी, जो भी राय खान-पान को लेकर मिली, लोगों ने अपना ली। बिना इस बात पर गौर किए कि उनके शरीर को वाकई उस भोजन की जरूरत है या नहीं। वहीं जिन लोगों को कोरोना हुआ, उन्होंने बीमारी के बाद कमजोरी कम करने के लिए खाना शुरू किया। नतीजा यह कि दोनों ही मामलों में अधिकांश लोगों ने बेवजह भी खाया, बिना जरूरत भी खाया, जबकि जरूरत इस समय पौष्टिक और संतुलित भोजन की है। तो सबसे पहले अपने भोजन में बदलाव करें।
भोजन एक ऐसी चीज है जिसका असर आपको तुरंत दिखना शुरू होगा। अगर आप तीन-चार बार चाय-कॉफी पी रहे हैं तो उसे आधा कर दीजिए। उसकी जगह ताजी छाछ, दूध, दही, टमाटर का सूप, आदि को अपना लीजिए, बल्कि आप सादा पानी से भी काम चला सकते हैं। इसके बाद सुबह 8-10 बजे के बीच नाश्ता, दोपहर 1-2 के बीच लंच, शाम 4-5 के बीच नाश्ता और फिर रात 7-8 के बीच हल्का खाने का नियम बनाएं। रात के भोजन को मात्रा में कम और हल्का रखें। जैसे एक चपाती, सब्जी, दाल, एकदम पतली खिचड़ी, दलिया, सूप आदि। अपने भोजन में फैट्स की मात्रा कम करें। इसकी बजाय ताजे मौसमी फल, दालें, सब्जियां, सलाद, मिक्स आटे की रोटी, दही आदि शामिल करें। जरूरी नहीं कि आप बहुत सारा खाएं, लेकिन जो भी खाएं वह पौष्टिक हो इसका ध्यान रखें। नाश्ते में अखरोट, अंजीर, बादाम के कुछ दाने, भुने चने, अंकुरित अनाज, भीगे काले चने,आदि शामिल करें। रात का भोजन सोने से कम से कम 2 घंटे पहले कर लें। और रात को खाने के बाद थोड़ा टहलें जरूर।
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