मानसिक स्वास्थ्य की समस्या
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रिश्तेदारों-साथियों की विशेष भूमिका
डॉ सत्यकांत बताते हैं, पीटीएसडी के शिकार लोगों के लिए आपकी नौकरी, रिश्ते, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की गतिविधियों का आनंद भी कम होने लगता है। अवसाद और चिंता जैसे विकारों का खतरा ,नशीली दवाओं या अल्कोहल के सेवन की समस्या भी बढ़ सकती है।
यहां रिश्तेदारों की बड़ी भूमिका हो सकती है। रिश्तेदारों-साथियों से मिलने वाले समर्थन से तनाव की समस्या को कम करने और पीटीएसडी विकसित होने से रोकने में मदद मिल सकती है। हादसे का सामना करने वाले लोगों को स्वयं से भी मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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