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सावधान: आकर्षक दिखने के लिए कहीं आप भी तो नहीं करते हैं स्टेरॉयड पाउडर का सेवन? जानलेवा हो सकते हैं इसके दुष्प्रभाव

Sun, 01 May 2022 07:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए न लें स्टेरॉयड्स - फोटो : Pixabay
जिम में अक्सर आपने कई लोगों को बड़े ही आकर्षक और सुडौल मांसपेशियों वाला देखा होगा। अक्सर देखने को मिलता है कि तेजी से मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए जिम जाने वाले लोग प्रोटीन पाउडर के नाम पर जाने-अनजाने स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने लगते हैं। इससे शरीर की मांसपेशियां तो तेजी से बढ़ जाती है, सुडौल हो जाती हैं लेकिन इसके दीर्घकालिक रूप से कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।

शोध बताते हैं, स्टेरॉयड्स का अधिक इस्तेमाल करना आपको गंभीर मुसीबतों में डाल सकता है, कुछ स्थितियों में इसके साइड-इफेक्ट्स के कारण हृदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है, जोकि जानलेवा तक हो सकता है। मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए प्रोटीन पाउडर के नाम पर बाजार में बिकने वाले स्टेरॉयड के सेवन से बचें, वरना आप बड़ी मुसीबतों के शिकार हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मांसपेशियों की ताकत और शक्ति को प्राकृतिक सीमा से अधिक बढ़ाने के लिए, कुछ लोग एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड (एएएस) का सेवन करने लगते हैं।  एएएस, टेस्टोस्टेरोन का सिंथेटिक रूप है, जिसे पुरुषों का सेक्स हार्मोन माना जाता है। लगातार एएएस वाले पाउडर का सेवन करना आपके शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। कई लोग, जिम ट्रेनर और साथियों के बहकावे में आकर इसका सेवन करना शुरू कर देते हैं, जिसके कारण उन्हें भविष्य में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए आगे इस बारे में विस्तार से समझते हैं। 
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सप्लीमेंट में मौजूद स्टेरॉयड  के नुकसान - फोटो : iStock
एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड  के नुकसान

एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड जैसा कि बताया गया है कि टेस्टोस्टेरोन का सिंथेटिक रूप है। टेस्टोस्टेरोन, हार्मोन शरीर में स्वत: बनता है। जब हम एएएस का सेवन करके इसका लेवल बढ़ा देते हैं तो इसके कारण मांसपेशियों, शरीर के आकार, सेक्स ड्राइव और कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इसका अगर लगातार अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो शरीर पर कई तरह के दीर्घकालिक दुष्प्रभाव हो सकते हैं। आपका शरीर  एएएस के प्रति किस प्रकार की प्रतिक्रिया करता है इसके आधार पर भी साइड-इफेक्ट्स का जोखिम हो सकता है।
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हृदय रोगों की बढ़ती समस्या - फोटो : Pixabay
हृदय रोगों का खतरा

अध्ययनों से पता चलता है कि अधिक मात्रा में या बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के अगर आप एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड वाले पाउडर का सेवन करते रहते हैं तो इससे हृदय रोगों का खतरा कई गुना तक बढ़ सकता है। एएएस, आपके हृदय के बाएं वेंट्रिकल के आकार के साथ-साथ रक्तचाप को भी बढ़ा सकता है। इसके कारण आपमें हृदय रोग और गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।

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स्टेरॉयड  के लिवर पर असर - फोटो : istock
लिवर की समस्याएं

एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड के कारण हृदय के साथ-साथ लिवर रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। कुछ स्थितियों में एएएस युक्त पाउडर का अधिक सेवन आपके लिवर को खराब तक कर सकता है। शोध बताते हैं कि अगर इसका सेवन लगातार अधिक मात्रा में करते रहा जाए तो इसके कारण लिवर डिस्फंक्शन का जोखिम काफी अधिक हो सकता है। एएएस के अवशेष, लिवर में इकट्ठा होने लगते हैं।
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प्रजनन की समस्याएं - फोटो : iStock
प्रजनन क्षमता पर असर
एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड आपमें हार्मोन असंतुलन का कारण बन सकता है जिसके कारण पुरुषों के स्तन ऊतक बढ़ने और प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव होने का जोखिम बढ़ जाता है। शोध बताते हैं कि एएएस के अधिक सेवन के कारण टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन कम हो जाता है साथ ही यह हाइपोगोनाडिज्म की समस्या का भी कारक बन सकता है, जिसमें वृषण के सिकुड़ने और शुक्राणु उत्पादन में कमी आ सकती है। मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए आहार के माध्यम से प्रोटीन प्राप्त करना सबसे अच्छा माना जाता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स से एकत्रित जानकारियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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