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Covid-19: मूनशॉट वैक्सीन के सभी कोरोना वैरिएंट्स पर असरदार होने का दावा, जानिए इस टीके के बारे में विस्तार से

Sun, 01 May 2022 06:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नई कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
दुनियाभर के लिए कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले नई मुसीबतों का संकेत माने जा रहे हैं। चीन और ब्रिटेन जैसे देश संक्रमण की एक और लहर का सामना कर रहे हैं। चीन में कई स्थानों पर सख्त लॉकडाउन लगाने के साथ तेजी से कोविड की जांच की रफ्तार बढ़ा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते मामलों के लिए मुख्यरूप से ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स को जिम्मेदार माना जा रहा है। कुछ शोध बताते हैं कि चूंकि कोरोना के इन वैरिएंट्स के स्पाइक प्रोटीन में ऐसे म्यूटेशन देखे गए हैं जो वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा दे सकती है, ऐसे में जिन लोगों का टीकाकरण हो चुका है, उनको भी लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

कोरोना के इन नए वैरिएंट्स से बचाव कैसे किया जाए फिलहाल यह एक बड़ा प्रश्न है, हालांकि हालिया मीडिया रिपोर्ट्स इस दिशा में थोड़े अच्छे संकेत दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएस आर्मी ने एक ऐसी वैक्सीन का निर्माण कर लिया है जो कोरोना के तमाम वैरिएंट्स को बेअसर कर सकती है।

इस टीके को मूनशॉट नाम दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टीका कोरोना महामारी की रोकथाम में बड़े हथियार के तौर पर काम कर सकती है। आइए आगे इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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नए वैरिएंट्स के लिए कोरोना का टीका - फोटो : पिक्साबे
 मूनशॉट वैक्सीन के कारगर होने का दावा

कोरोना के बढ़ते नए वैरिएंट्स के बीच मूनशॉट वैक्सीन को बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। प्राप्त जानकारियों के अनुसार यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी द्वारा विकसित यह टीका सिंगल शॉट पर आधारित है। इसके प्रारंभिक चरणों के परिणाम के आधार पर शोधकर्ता इसे बेहतर और प्रभावशाली बता रहे हैं।

जानवरों पर इस टीके के परीक्षण में इसे काफी असरदार पाया गया है। इसका इंसानों पर परीक्षण अपने मध्य चरण में है। दावा है कि यह वैक्सीन कोरोना के सभी वैरिएंट्स के खिलाफ प्रभावी तरीके से काम कर सकती है।
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मूनशॉट कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक) - फोटो : पीटीआई
सिंगल शॉट की होगी यह वैक्सीन

वैक्सीन निर्माताओं द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक कोरोना की अन्य वैक्सीन से इतर मूनशॉट की एक ही खुराक लोगों को दी जाएगी, इसे  संभावित रूप से सभी वैरिएंट्स के खिलाफ असरदार होने का दावा किया जा रहा है।

ट्रिनिटी कॉलेज, डबलिन के प्रोफेसर और शोधकर्ताओं में से एक डॉ ल्यूक ओ नील कहते हैं, प्रारंभिक शोध से प्राप्त डेटा इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह टीका कोरोना के तमाम नए पुराने वैरिएंट्स के खिलाफ असरकारक हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए लगातार शोध और परीक्षण जारी हैं। 

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हर वैरिएंट पर असरदार वैक्सीन - फोटो : PTI
जानवरों पर परीक्षण में अच्छे संकेत

वैक्सीन के जानवरों पर किए गए परीक्षण में इसे काफी असरदार पाया गया है। बंदरों पर किए गए परीक्षण में पाया गया कि यह वैक्सीन मूल सार्स वायरस के, सार्स-सीओवी-2, अल्फा, बीटा, डेल्टा और ओमिक्रॉन जैसे वैरिएंट्स से भी सुरक्षा दे सकती है। इंसानों पर किए जा रहे परीक्षण के शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह तमाम वैरिएंट्स के कारण होने वाली गंभीर बीमारी को रोकने में काफी असरदार है, हालांकि इसे विस्तृत तौर पर समझने के लिए आगे के परीक्षण के परिणाम ज्यादा स्पष्ट कर पाएंगे।
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कोविड-19 की नई वैक्सीन को लेकर अध्ययन - फोटो : PTI
इंसानों पर जारी है परीक्षण

कोरोना के उभरते हुए नए वैरिएंट्स के खतरे के बीच वैक्सीन निर्माता एक ऐसे टीके की तलाश में हैं जो भविष्य में आने वाले अन्य वैरिएंट्स के खिलाफ भी प्रभावी तरीके से काम कर सके। पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और फाइजर वैक्सीन में प्रयुक्त तकनीक के प्रमुख शोधकर्ता डॉ ड्रा वीसमैन कहते हैं,  हर तीन से छह महीने में कोरोना के नए वैरिएंट आ रहे हैं, इसलिए हमारी टीम अब एक पैन-कोरोनावायरस वैक्सीन विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जो वायरस के सभी वैरिएंट्स के खिलाफ सुरक्षा दे सके।
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सभी वैरिएंट्स पर कारगर वैक्सीन का शोध - फोटो : iStock
ऑल इन वन वैक्सीन बनाने की दिशा में प्रयास

डॉ ड्रूा वीसमैन कहते हैं, ऐसी उम्मीद की जा रही है कि हमारे पास दो या तीन साल में एक ऐसा प्रभावी टीका होगा जो कोरोना के सभी वैरिएंट्स से लोगों को सुरक्षित रखने में मदद करेगा। हालांकि इसके लिए समय के साथ वायरस में हो रहे म्यूटेशन के साथ टीके में भी बदलाव करते रहने की आवश्यकता होगी। मूनशॉट वैक्सीन इस दिशा में बड़ी उम्मीद बनकर उभर रही है। इंसानों पर इसके परीक्षण के परिणामों पर बहुत कुछ निर्भर करता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स से एकत्रित जानकारियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। इस वैक्सीन को लेकर अभी इतनी ही जानकारी साझा की गई है।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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