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सावधान: काफी दर्दकारक हो सकती है गॉल ब्लैडर स्टोन की समस्या, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Wed, 14 Jul 2021 03:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पित्त की थैली में पथरी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
अक्सर आपने पथरी की समस्या के बारे में सुना होगा। पथरी की समस्या मुख्यरूप से शरीर के दो अंगों में हो सकती है- किडनी और पित्ताशय की थैली। किडनी की पथरी सामान्यतौर पर आसानी से निकल जाती है लेकिन पित्त के थैली की पथरी न सिर्फ कठिनाई से निकलती है, साथ में इसके कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। आइए इस लेख में पित्ताशय की थैली में पथरी (गॉल-ब्लैडर स्टोन) की समस्या के बारे में विस्तार से जानते हैं।
डॉक्टर बताते हैं, पित्ताशय की थैली पेट के दाहिनी तरफ लिवर के नीचे स्थित एक छोटा सा अंग होता है। इस अंग का मुख्य कार्य पित्त को जमा करना है। पित्त, हरे-पीले रंग का तरल होता है जो पाचन की क्रिया में मदद करता है। इस अंग में पथरी बन जाने के कारण लोगों को कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सामान्यतौर पर पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक हो जाने के कारण गाल-ब्लैडर स्टोन की समस्या होती है।
हार्वर्ड हेल्थ पब्लिकेशंस के अनुसार कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो जाने के अलावा कुछ लोगों में कैल्शियम और बिलीरुबिन की अधिकता के कारण भी यह समस्या हो सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में गॉल-ब्लैडर स्टोन की समस्या के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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गैल्स्टोन में पेट में दर्द की समस्या - फोटो : pixabay
पित्ताशय में पथरी के क्या लक्षण होते हैं?
डॉक्टरों के मुताबिक पित्ताशय की पथरी के लक्षण लोगों में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों में इसके कोई भी लक्षण नहीं दिखते हैं जबकि कुछ लोगों को पेट के दाहिनी तरफ तेज दर्द का अनुभव हो सकता है। इसके अलावा समय-समय पर इसका दर्द अधिक महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को अधिक वसा और तले हुए खाद्य पदार्थ  खाने के बाद तेज दर्द का अनुभव होता है। दर्द आमतौर पर कुछ देर तक बना रहता है, हालांकि यह काफी गंभीर रूप से भी हो सकता है। इसके अलावा कुछ लोगों को इस तरह के लक्षणों का भी अनुभव हो सकता है।
  • जी मिचलाना-उल्टी।
  • पेशाब का रंग गहरा होना।
  • पेट में अचानक तेज दर्द होना। 
  • दस्त- खट्टी डकार 
अमेरिकन कॉलेज ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के अनुसार, 80 प्रतिशत लोगों में साइलेंट गैल्स्टोन की समस्या होती है। इसका मतलब है उनमें न तो दर्द का अनुभव होता है न ही लक्षण दिखाई देते हैं। इन मामलों में एक्स-रे या पेट की सर्जरी के दौरान पित्ताशय की पथरी का पता चलता है।
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पित्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से पथरी की समस्या - फोटो : Social media
किन कारणों से होती है पित्ताशय में पथरी की दिक्कत?
डॉक्टरों के मुताबिक पित्ताशय की पथरी कई कारणों से हो सकती है। पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा के बढ़ जाने के कारण यह समस्या होना सामान्य है। वैसे तो पित्त में  कोलेस्ट्रॉल खत्म करने के लिए पर्याप्त रसायन होते हैं,लेकिन अगर लिवर, पित्त की तुलना में अधिक कोलेस्ट्रॉल का उत्सर्जन करने लगे तो अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल क्रिस्टल में बदलकर पथरी का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों में अतिरिक्त बिलीरुबिन भी पथरी का कारण बन सकती है। जिन लोगों के पित्ताशय की थैली ठीक से खाली नहीं होती है उनमें भी पित्त की मात्रा अधिक हो जाने के कारण पथरी बनने का खतरा अधिक रहता है।

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सर्जरी से निकाली जाती है पित्त की पथरी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
गॉल-ब्लैडर स्टोन का इलाज
पित्ताशय की पथरी वाले ज्यादातर लोगों में कोई भी लक्षण नहीं होते हैं, ऐसे लोगों को उपचार की भी आवश्यकता नहीं होती है। वहीं जिन लोगों को पेट में दर्द और पथरी के अन्य लक्षणों का अनुभव होता हो उन्हें डॉक्टर पथरी को गलाने वाली कुछ दवाइयां दे सकते हैं। हालांकि इस तरह के उपचार में कुछ महीनों से साल तक का समय लग सकता है। इसीलिए सामान्य तौर पर
डॉक्टर सर्जरी के माध्यम से पित्ताशय की थैली को हटाने की सलाह देते हैं, क्योंकि इस तरह की पथरी के दोबारा से होने का खतरा भी अधिक रहता है। 
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गैल्स्टोन की समस्या से बचने का करें प्रयास - फोटो : iStock
पित्ताशय में पथरी की समस्या से कैसे बचाव करें
डॉक्टरों के मुताबिक पित्ताशय में पथरी की समस्या से बचे रहने के लिए रोजाना नियम से भोजन करें। भोजन छोड़ने या ज्यादा उपवास करने से पित्ताशय की पथरी का खतरा बढ़ा सकता है। इसके अलावा जिन लोगों का वजन अधिक है, वह धीरे-धीरे वजन कम करने की कोशिश करें। तेजी से वजन घटाने वाले उपायों से भी पित्ताशय की पथरी का खतरा बढ़ सकता है। एक सप्ताह में 0.5 से 1 किलोग्राम तक वजन कम करने का लक्ष्य रखें। भोजन में उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाजों को अधिक शामिल करें।

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स्रोत और संदर्भ: 
Gallstones (Cholelithiasis)
Gallbladder stones 

अस्वीकरण नोट: यह लेख मेडिकल वेबसाइट्स से एकत्रित की गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।  लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं। 
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