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सावधान: एक सिगरेट जितना ही नुकसानदायक है आपका पसंदीदा पिज्जा और हॉट-डॉग, लोगों की कम होती जा रही है औसत आयु

Sat, 20 Aug 2022 04:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फास्ट फूड्स घटाते हैं आपकी आयु - फोटो : istock
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि पिछले दो-तीन दशक में वैश्विक स्तर पर लोगों की औसत आयु समय के साथ कम होती जा रही है। इसके लिए कई तरह की बीमारियों के बढ़ने को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। भारत में फिलहाल एक व्यक्ति की औसत आयु 69 वर्ष है। अध्ययनों से पता चलता है कि लाइफस्टाइल की गड़बड़ी और खान-पान से संबंधित विकारों के कारण कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण अब लोग पहले की तुलना में कम जीते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि शराब-धूम्रपान की आदत को इसके लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है, एक सिगरेट जीवन अवधि को 11 मिनट तक कम कर देती है।

पर क्या आप जानते हैं कि सिगरेट के अलावा हमारी पसंदीदा कई चीजें भी आयु को कम कर रही हैं? विशेषकर अलग-अलग तरह के फास्ट फूड्स को अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक पाया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप लंबी आयु चाहते हैं तो खान-पान को ठीक रखना बहुत आवश्यक हो जाता है। इसमें पौष्टिकता की कमी या अधिक मात्रा में फास्ट और जंक फूड्स का सेवन आपको बीमार करते हुए जीवन अवधि को भी कम कर सकता है। सभी लोगों को इस बारे में सावधानी बरतनी चाहिए।
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फास्ट फूड का अधिक सेवन हानिकारक - फोटो : iStock
जंक फूड्स खाने वालों में खतरा

दरअसल, हाल के एक अध्ययन से पता चलता है कि जंक फूड्स खाने वाले लोगों में संज्ञानात्मक गिरावट और स्वास्थ्य से संबंधित अन्य कई प्रकार की समस्याओं का खतरा हो सकता है। नॉर्थईस्ट रीजनल सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि फास्ट फूड का अधिक सेवन करने वाले अमेरिकी लोगों की जीवन प्रत्याशा, अन्य लोगों की तुलना में कम देखी गई है।

वहीं मिशिगन विश्वविद्यालय के शोध से पता चला है कि हॉट डॉग खाने से आपके जीवन के 36 मिनट और चिकन विंग जैसी चीजें 3 मिनट तक की आयु को कम कर सकती है। 
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धूम्रपान से होने वाले नुकसान - फोटो : Pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?

आहार की आदतें और कुछ विशिष्ट खाद्य पदार्थों के सेवन का शरीर पर किस प्रकार से  प्रतिकूल प्रभाव हो सकता है, इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इनके संबंध को समझने की कोशिश की। अध्ययनकर्ताों ने पाया कि अल्ट्राप्रोसेस्ड भोजन के अधिक सेवन से लेकर व्यायाम की कमी के कारण वैश्विक स्तर लोगों की औसत आयु समय के साथ कम होती जा रही है।

पिज्जा जैसा चीजें जिसे लोगों का पसंदीदा माना जाता रहा है, वह आपकी उम्र को आठ मिनट तक कम करता है। यानि कि अगर तुलनात्मक रूप से देखें तो एक सिगरेट और एक पिज्जा से होने वाली औसत आयु में कमी लगभग बराबर ही है।

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अल्ट्राप्रोसेस्ड आहार के नुकसान - फोटो : Istock
सर्वेक्षण की रिपोर्ट

ड्रगजेनियस डॉट कॉम के सर्वेक्षण से पता चला कि 4 में से 1 (27 प्रतिशत) लोग मानते हैं कि अगर हम कभी-कभी फास्ट फूड्स खाते हैं, यानि कि हफ्ते में दो-तीन बार, तो इससे शरीर को नुकसान नहीं होता है, जबकि विशेषज्ञ इस सोच को गंभीर और हानिकारक बताते हैं।

8 प्रतिशत लोगों को लगता है कि बर्गर में चूंकि सब्जियां और सलाद होता है इसलिए इससे नुकसान नहीं है, जबकि 11 प्रतिशत से अधिक को लगता है कि चिकन विंग्स का सेवन नुकसानदायक नहीं है। इसपर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि इस तरह के आहार अल्ट्राप्रोसेस्ड होते हैं, ऐसे में इनका सेवन भी बहुत नुकसानदायक हो सकता है। 
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नट्स आपको दे सकते हैं लंबी आयु - फोटो : Pixabay
फिर कैसे पा सकते हैं लंबी आयु?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार की पौष्टिकता और इसके तैयार किए जाने की प्रक्रिया के बारे में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। अच्छी खबर यह है कि पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली की आदतें आपकी जीवन अवधि को बढ़ावा दे सकती हैं। मुट्ठी भर मेवा और सीड्स खाकर आप अपने जीवन को 26 मिनट तक बढ़ा सकते हैं, जबकि सैल्मन फिश आपके जीवन को 16 मिनट तक बढ़ाने में सहायक है।

सभी लोगों को आहार में नट्स को जरूर शामिल करना चाहिए और फास्ट फूड्स के सेवन की आदत पर नियंत्रण बनाना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए सभी लोगों के लिए आहार का सही चयन और नियमित व्यायाम बहुत आवश्यक माना जाता है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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