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जानिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किस तरह करना चाहिए खाने का सेवन 

Thu, 29 Apr 2021 06:05 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें - फोटो : Pixabay

 

Medically reviewed by Dr. Rajat Salunke

डॉ रजत सालुंके, आयुर्वेदाचार्य

अष्टविनायक क्लीनिक, भोपाल

डिग्री- बी.ए.एम.एस

अनुभव- 13 वर्ष 
हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता हमारे द्वारा लिए गए आहार पर निर्भर करती है इसलिए हमारी कोशिश रहती है कि हम पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें लेकिन बहुत जरूरी है कि हमें पता हो कि जो भोजन हम खा रहे है उसको खाने का तरीका, समय आदि किस प्रकार होना चाहिए क्योंकि यदि हमारे का तरीका थोड़ा भी डिस्टर्ब होता है तो हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने लगती है। अगली स्लाइड्स से जानिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किस तरह से खाने का सेवन किया जाना चाहिए। 

 
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जितनी देर खाना चबता है, उसमें लार मिलती जाती है - फोटो : अमर उजाला

चबाकर खाएं
खाना जल्दबाजी में न खाएं। उसे पूरा चबा-चबाकर खाएं। खाना पेट में जाने से पहले हमारी लार से मिलता है। जितनी देर खाना चबता है, उसमें लार मिलती जाती है जो कि खाने को पचाने में सहायता करती है। खाना यदि ठीक से नहीं चबता है तो उसे पचाने के लिए अन्य अंगों को मेहनत करनी होती है और पहले ही वह चब जाता है तो आसानी से पचाया जा सकता है। ऐसा होने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित नहीं होती है। 

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रस और कफ आसानी से भोजन को पचा लेंगे - फोटो : social media

पेट का एक तिहाई हिस्सा रखें खाली 
यदि आप चाहते हैं कि आप जो भी खाना खा रहे हैं, उससे संतुलित मात्रा में आपको पोषक तत्व मिलें ताकि आप रोग-प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो तो बहुत जरूरी है कि आप इतना खाना खाएं कि आपके पेट का एक-तिहाई हिस्सा खाली रहे। ऐसा होने पर पाचक रस और कफ आसानी से भोजन को पचा लेंगे और आपको सही मात्रा में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्व मिल जाएंगे। 

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कई बार शरीर में अधपचे खाने का रस रह जाता है - फोटो : social media

तय समय पर भोजन करें 
यदि आप लंबे समय तक भूखे रहते हैं या रोज अलग- अलग समय पर भोजन करते हैं, कभी जल्दी ,कभी देर से तो यह आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है क्योंकि कई बार शरीर में अधपचे खाने का रस रह जाता है जो कि दूसरी बार खाए खाने से मिल जाता है और शरीर को फिर बीमारियां आसानी से लग जाती हैं और रो-प्रतिरोधक क्षमता विकसित ही नहीं हो पाती है। 

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आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करने लगेगा - फोटो : Pixabay

तुरंत उपाय करें 
यदि आपको सर्दी- जुकाम होता है और अदरक या हल्दी के सेवन से यह ठीक हो जाता है तो इसका अर्थ यह है कि यह आपके शरीर को सुूट कर रहा है, ऐसी स्थिति में अगली बार भी यह समस्या होने पर आपको जल्द ही इसका सेवन कर लेना चाहिए क्योंकि यदि आपने ऐसा नहीं किया और बीमारी को हल्के में लिया तो तय बात है कि ये आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करने लगेगा। 
नोट- यह लेख अष्टविनायक क्लीनिक के डॉक्टर रजत सालुंके से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर रजत सालुंके पिछले 13 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री करमवीर वैंकटराव तानाजी रणधीर आयुर्वेद कॉलेज, महाराष्ट्र से ली है।
अस्वीकरण-अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 

 

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