कैंसर दुनियाभर में तेजी से बढ़ती जानलेवा बीमारियों में से एक है, हर साल इसके कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। त्वचा, आंत और मुंह के साथ गले का कैंसर भी वैश्विक स्तर पर काफी बड़ी संख्या में रिकॉर्ड किया जाता रहा है, जिससे बचाव बेहद आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि आमतौर पर गले के कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिसके कारण यह रोग तेजी से बढ़ सकता है। आनुवांशिक कारकों के साथ जीवनशैली का गड़बड़ी और आहार से संबंधित दिक्कतों के कारण इस तरह के कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।
सामान्यतौर पर गले और मुंह के कैंसर को एक ही समझ लिया जाता है, जबकि यह दोनों अलग-अलग प्रकार के हैं। गले का कैंसर, गले (ग्रसनी) या वाइस बॉक्स (स्वरयंत्र) में विकसित होता है। हमारे शरीर में स्वरयंत्र गले के ठीक निचले हिस्से में होता है, जो गले के कैंसर के लिए अतिसंवेदनशील माना जाता है। वॉयस बॉक्स कार्टिलेज से बना होता है और इसमें वोकल कॉर्ड होते हैं जो बात करते समय आवाज करने के लिए कंपन करते हैं। अगर आपको अपने आवाज में लंबे समय से कुछ असामान्य सा बदलाव महसूस होता आ रहा हो तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें, यह भी कैंसर का संकेत माना जाता है। आइए आगे इस बारे में विस्तार से समझते हैं।