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विशेषज्ञ से जानिए: आखिर डायबिटीज में फाइबर वाली चीजों के सेवन पर क्यों दिया जाता है जोर? कैसे करें इसकी पूर्ति

Sun, 17 Apr 2022 03:49 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइबर वाली चीजों के सेवन के लाभ - फोटो : iStock
Medically Reviewed by-
डा. अल्तमश शेख
(एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डायबेटोलॉजिस्ट)
मुंबई


डायबिटीज वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसमें जीवनशैली और आहार को लेकर रोगियों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। विशेषकर मधुमेह रोगियों को उन चीजों के अधिक सेवन पर जोर दिया जाता है जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती हों। आपने भी अक्सर विशेषज्ञों से डायबिटीज के आहार में फाइबर वाली चीजों को शामिल करने के बारे सुना होगा। फाइबर मुख्यरूप से पाचन से संबंधित समस्याओं को ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला पोषक तत्व है तो आखिर डायबिटीज में इसके सेवन की सलाह क्यों दी जाती है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर को बेहतर ढंग से काम करते रहने और स्वस्थ बने रहने के लिए प्रतिदिन कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, फाइबर भी उन्हीं में से एक है। यह मुख्य रूप से भोजन के पाचन को आसान बनाने, मल त्याग प्रक्रिया में सुगमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि फाइबर का सेवन ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, यही कारण है कि मधुमेह रोगियों को फाइबर युक्त आहार के सेवन की सलाह दी जाती है। आइए आगे इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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डायबिटीज में फाइबर वाली चीजों के लाभ - फोटो : iStock
ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने के लिए फाइबर

द साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी ऑफ न्यूट्रिशियन के शोधकर्ताओं ने पाया कि डायबिटीज रोगियों के लिए आहार में फाइबर वाली चीजों को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। यह न सिर्फ ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल में रखता है साथ ही डायबिटीज के कारण होने वाली अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं में भी इसके लाभ देखे गए हैं। फाइबर वाले आहार पेट को स्वस्थ रखने, ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कम रखने में आपकी मदद करते हैं, जिससे हृदय रोग का जोखिम कम होता है। इसके अलावा फाइबर आपके वजन को भी बढ़ने से रोकता है जिसे डायबिटीज के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक माना जाता है।  आहार में दैनिक रूप से फाइबर की मात्रा जरूर सुनिश्चित करें। 
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फलों में फाइबर की मात्रा - फोटो : pixabay
छिलके सहित खाएं ये फल और सब्जियां

हम अक्सर फलों और सब्जियों के छिलकों को फेंक देते हैं। हालांकि अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ फलों और सब्जियों के छिलकों में पोषकता और फाइबर की मात्रा भी अधिक हो सकती है। सेब, खीरा या आलू आदि को साफ धोकर बिना छीले ही सेवन करना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। खीरे के छिलके में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, वहीं सेब को बिना छीले खाने से अधिकतम पोषकता प्राप्त की जा सकती है।

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साबुत अनाज खाने के फायदे - फोटो : iStock
साबुत अनाज में फाइबर की मात्रा

अध्ययनों से पता चलता है कि साबुत अनाज जैसे जौ, बाजरा, मक्का आदि को अपने आहार में शामिल करके आप फाइबर के साथ अन्य पोषक तत्व भी प्राप्त कर सकते हैं। डायबिटीज रोगियों के लिए आहार में साबुत अनाजों को शामिल करना बहुत फायदेमंद विकल्प माना जाता है। ये पाचन में आसान होते हैं, साथ ही इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जो इन अनाजों को मधुमेह रोगियों के लिए काफी उत्कृष्ट बनाते हैं।
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फाइबर का रोजाना सेवन बहुत जरूरी - फोटो : iStock
फलों में फाइबर की मात्रा

सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए आहार में नियमित रूप से फलों को जरूर शामिल करना चाहिए। शरीर के लिए आवश्यक अन्य पोषक तत्वों के साथ कई फलों में फाइबर की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है। 100 ग्राम सेब में 2.4 ग्राम, कीवी में 3 ग्राम, संतरे में 2.8 ग्राम, केले में 2.6 ग्राम और एवोकाडो में सबसे अधिक 7 ग्राम की मात्रा में फाइबर होता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार डायबिटीज में इन फलों का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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