कॉटन के मास्क भी हैं असरदार (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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बढ़ रहा है मेडिकल कचरा
गौरतलब है कि कोरोना महामारी की शुरुआत से हर दिन अनुमानित 7,200 टन चिकित्सा अपशिष्ट निकल रहा है। डिस्पोजेबल मास्क के बढ़ रहे अपशिष्ट के संकट को देखते हुए वैज्ञानिकों की टीम ने कॉटन मास्क के एक से अधिक बार उपयोग और धोने के बाद इसकी प्रभाविकता के स्तर को जानने के लिए अध्ययन किया। कपड़े के मास्क को बार-बार धोने से उसके रेशे निकलने लगते हैं, ऐसे में क्या मास्क की प्रभाविकता कम हो जाती है? इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मास्क के फिल्टरेशन की क्षमता पर तो प्रभाव नहीं पड़ता है, हालांकि कॉटन के रेशे निकलने कारण इससे सांस लेने में दिक्कत जरूर हो सकती है। ऐसी स्थिति में मास्क को बदल लेना उचित रहता है।