फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुबह उठकर पी रहे हैं तांबे के बर्तन में पानी तो हो जाएं सावधान, फायदा नहीं नुकसान हो रहा है आपको

Mon, 30 Dec 2019 05:07 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
भारत में तांबे को शुभ धातु माना जाता है और पूजा-पाठ में इसका उपयोग किया जाता है। यह एक कीटाणुनाशक धातु है, जिस कारण बहुत से लोग इससे बने बर्तन को प्रयोग में लाते हैं। सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। वैज्ञानिक शोधों में भी तांबे के स्वास्थ्य गुणों को प्रमाणित किया जा चुका है। हालांकि गलत तरीकों का इस्तेमाल कर तांबे के बर्तन में पानी पीना सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। इसलिए तांबे के बर्तन से होने वाले फायदे और नुकसान दोनों की जानकारी जरूर होनी चाहिए। आइए जानते हैं तांबे के बर्तन का इस्तेमाल किस तरह से फायदा और नुकसान पहुंचा सकता है...
विज्ञापन

2 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पाचन क्रिया को बनाता है बेहतर
एसीडिटी और खाना पचाने में दिक्कत बहुत आम समस्याएं हैं। तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से इनसे छुटकारा मिल सकता है। तांबे में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो नुकसानदायक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और पेट की सूजन मिटाते हैं। अल्सर, अपच और इंफेक्शन जैसी पेट की समस्याओं के लिए ये एक असरदार उपाय है। आयुर्वेद के अनुसार, पेट के रोग मिटाने के लिए रात भर तांबे के बर्तन में रखे पानी को सुबह खाली पेट पीना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बीमारियां दूर रहती हैं
तांबा पानी के साथ रासयनिक प्रतिक्रिया करता है। इस दौरान इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लामेंटरी और कैंसररोधी प्रॉपर्टीज उत्पन्न होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण तांबे के बर्तन में रखा पानी कई तरह की बीमारियों को दूर रखता है।

4 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बैक्टीरिया का सफाया
तांबे में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो बहुत प्रभावी रूप से बैक्टीरिया का सफाया कर देते हैं। तांबे वाला पानी पीलिया, हैजा आदि बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। अगर आपको लगता है कि आपका पानी पूरी तरह से शुद्ध नहीं है तो उसे तांबे के बर्तन में रात भर रखने के बाद इस्तेमाल करें।
विज्ञापन

5 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
घाव भरने के लिए
एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लामेंटरी गुणों से भरपूर तांबे के बर्तन में रखा पानी शरीर के आंतरिक और बाहरी घावों को जल्दी भरता है। इस बर्तन में रखे पानी के सेवन से थाइरॉयड ग्रंथि के स्राव संतुलित रहता है। यह पानी अर्थराइटिस दर्द में भी बेहद लाभकारी है।
विज्ञापन

6 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
उपयोग के दौरान सावधानियां
तांबे के बर्तन के इस्तेमाल के दौरान अक्सर लोग एक गलती करते हैं। इस बर्तन से होने वाले लाभ को देखते हुए कई घरों में इसका उपयोग होता है, लेकिन एक बात को हमेशा याद रखें कि इस बरतन को कभी भी जमीन पर न रखें वरना आपको इसका कोई भी लाभ नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सफाई पर ध्यान
तांबे से बने बर्तनों की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस बर्तन के अंदर वाले हिस्सों में कॉपर ऑक्साइड की परत (हरे रंग की) जमने लगती है, इसलिए अंदरूनी तले को अच्छे से साफ करें। तांबे के बर्तन में पानी रखने पर जो रासायनिक क्रिया होती है उसी वजह से कॉपर ऑक्साइड की परत जम जाती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें