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Diabetes Risk: डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री के बावजूद भी आप रह सकते हैं सुरक्षित, बस इन बातों का रखें खास ध्यान

Sun, 15 Jan 2023 04:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज की समस्या और उपचार - फोटो : istock
डायबिटीज वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, इसका जोखिम साल-दर साल बढ़ता जा रहा है। भारत में भी डायबिटीज रोगियों की संख्या में काफी तेजी से इजाफा देखा गया है, जिसको लेकर विशेषज्ञ चिंता जताते रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ स्थितियां आपमें डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देती हैं। इसमें लाफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के साथ लोगों में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता प्रमुख है। वहीं यदि आपके परिवार में किसी को पहले से ही डायबिटीज की बीमारी रह चुकी है तो इसका जोखिम और भी बढ़ जाता है, ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।

तो क्या अगर माता-पिता को डायबिटीज रहा है तो आपको निश्चित ही यह बीमारी होगी? इस बारे में डॉक्टर्स का कहना है कि आनुवांशिकता, मधुमेह के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है, पर अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इस जोखिम को कम किया जा सकता है।

चूंकि अब कम उम्र के लोगों को भी डायबिटीज का शिकार पाया जा रहा है ऐसे में सभी को बचाव के उपायों के बारे में जानना और इसका पालन करते रहना जरूरी है।
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डायबिटीज के जोखिम कारक - फोटो : Pixabay
डायबिटीज के जोखिम कारकों के बारे में जानिए

नेचर जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों के परिवार में पहले से ही मधुमेह की समस्या रह चुकी है, उनमें अन्य लोगों को भी इसका जोखिम हो सकता है। टाइप-2 डायबिटीज की स्थिति में यह जोखिम और भी अधिक हो जाता है। फैमिली हिस्ट्री वाले लोगों को डायबिटीज से बचाव के तरीकों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
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डायबिटीज से बचाव के उपाय करते रहना जरूरी - फोटो : iStock
कम कर सकते हैं जोखिम

वरिष्ठ डायबेटोलॉजिस्ट डॉ अनुराग भार्गव कहते हैं, आप डायबिटीज के जोखिम को कम कर सकते हैं, इसके लिए लाइफस्टाइल में समय रहते स्वस्थ बदलावों पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है। स्वस्थ जीवन शैली की आदतें जैसे, नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार और शारीरिक सक्रियता आपको डायबिटीज के जोखिमों से बचाने में मदद करती है।

यदि आपका वजन अधिक है तो इसमें सुधार करना जरूरी है, अधिक वजन वाले लोगों में डायबिटीज की समस्या विकसित होने का खतरा भी अधिक देखा गया है। 

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योग-व्यायाम मधुमेह में फायदेमंद - फोटो : Pixabay
नियमित व्यायाम से कम कर सकते हैं खतरा

डायबिटीज से बचाव के लिए सभी लोगों को दिनचर्या में व्यायाम-योग के अभ्यास को जरूर शामिल करने की सलाह दी जाती है। यह न सिर्फ मधुमेह के खतरे को कम करती है साथ ही इससे हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर रखने में मदद मिलती है।  शारीरिक गतिविधि रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।

वहीं जिन लोगों को डायबिटीज है, वह भी व्यायाम की आदत बनाकर इसकी जटिलताओं को कम कर सकते हैं। व्यायाम के माध्यम से तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखा जा सकता है, जिसका जोखिम डायबिटीज के रोगियों में काफी अधिक देखा जाता रहा है।
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डायबिटीज की समस्या और बचाव के तरीके - फोटो : Pixabay
इन बातों का रखें विशेष ध्यान

डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए स्वस्थ दिनचर्या का पालन करना बहुत आवश्यक है, इसके लिए कुछ बातों का सभी को ध्यान रखना चाहिए।
  • शराब और धूम्रपान से बचें।
  • धूप में कुछ समय बिताएं और विटामिन सी-डी से भरपूर आहार का सेवन करें।
  • ज्यादा देर तक खाली पेट न रहे, दो-तीन घंटे में कुछ खाते रहें।
  • वजन को कंट्रोल में रखना डायबिटीज से बचाव के लिए बहुत जरूरी है।
  • तनाव को नियंत्रित करने के उपाय करें। इससे भी डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
  • डॉक्टर की सलाह के आधार पर शुगर के स्तर की नियमित अंतराल पर जांच कराते रहें।
 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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