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Diabetes Risk: बच्चों में भी बढ़ रही है डायबिटीज की समस्या, अगर नजर आ रहे हैं ये लक्षण तो हो जाइए सावधान

Fri, 09 Feb 2024 09:32 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों में डायबिटीज का खतरा - फोटो : istock
डायबिटीज वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारी है, इसका सभी उम्र के लोगों में खतरा हो सकता है। कुछ दशकों पहले तक डायबिटीज को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी के तौर पर जाना जाता था, हालांकि जिस तरह से लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, कम उम्र के लोगों में भी इस क्रोनिक बीमारी का निदान किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बढ़े हुए ब्लड शुगर के स्तर के कारण शरीर के कई अंगों पर नकारात्मक असर हो सकता है, इसलिए सभी लोगों को मधुमेह रोग से बचाव के लिए अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

अध्ययनकर्ताओं ने बताया, हाल के कुछ वर्षों में बच्चों में भी डायबिटीज का जोखिम बढ़ते हुए देखा जा रहा है। बच्चों में मुख्यरूप से टाइप-1 डायबिटीज का खतरा होता है, पर कुछ बच्चों को टाइप-2 का भी शिकार पाया जा रहा है। कम उम्र में मधुमेह की समस्या, कई प्रकार की जटिलताओं को बढ़ाने के साथ क्वालिटी ऑफ लाइफ को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है।
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डायबिटीज की समस्या - फोटो : istock
बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज के मामले सबसे अधिक

टाइप-1 डायबिटीज आमतौर पर बच्चों और युवा वयस्कों में होता है। यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जहां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अग्न्याशय में इंसुलिन पैदा करने वाली कोशिकाओं पर ही हमला कर देती है। परिणामस्वरूप, हमारा शरीर रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार हार्मोन- इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है।

टाइप-1 डायबिटीज के अधिकतर मामलों में रोगी को जीवनभर इंसुलिन लेने की आवश्यकता हो सकती है। वहीं टाइप-2 डायबिटीज मुख्य रूप से वयस्कों में देखी जाती है, हालांकि बच्चे भी इसके शिकार हो सकते हैं।

बच्चों में डायबिटीज के लक्षणों को पहचान और समय रहते इसका उपचार किया जाना बहुत आवश्यक हो जाता है।
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बच्चों में भी देखी जा रही है मधुमेह की समस्या - फोटो : Istock
भूख और प्यास बढ़ना

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों और वयस्कों दोनों में डायबिटीज के लक्षण एक जैसे ही हो सकते हैं। भूख और प्यास बढ़ना इसका एक संकेत हो सकता है। ध्यान दें यदि आपका बच्चा अत्यधिक भूख या प्यास महसूस करता है, बढ़ी हुई भूख के बावजूद बच्चे का वजन कम होता जा रहा है तो ये डायबिटीज का संकेत हो सकता है। वयस्कों की ही तरह से बच्चों में इस तरह के संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देने और समय रहते डॉक्टरी सलाह लेने की आवश्यकता है।

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डायबिटीज के जोखिमों को लेकर रहें सावधान - फोटो : istock
बार-बार पेशाब जाना

अधिक बार पेशाब महसूस होना कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को संकेत माना जाता है, पर अगर अत्यधिक प्यास के साथ बार-बार पेशाब आने की समस्या महसूस होती है तो ये मधुमेह का संकेत हो सकता है। बच्चे में इस तरह के लक्षणों पर जरूर ध्यान दें। कई बार टाइप-1 डायबिटीज के संकेत बहुत स्पष्ट नहीं होते हैं, इसलिए इन लक्षणों पर ध्यान देकर आप गंभीर जटिलताओं के खतरे को कम कर सकते हैं।
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बच्चे हो रहे हैं डायबिटीज के शिकार - फोटो : Pixabay
इन लक्षणों पर भी ध्यान दें

डॉक्टर कहते हैं, मधुमेह के कारण शरीर में कई प्रकार का जटिलताएं हो सकती हैं, इसलिए जरूरी है कि कम उम्र से ही इससे बचाव के लिए प्रयास किए जाएं।
  • मधुमेह से पीड़ित बच्चे पर्याप्त आराम करने के बाद भी थकान और सुस्ती महसूस कर सकते हैं।
  • ब्लड शुगर बढ़ने के कारण धुंधला दिखाई देने या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस हो सकती है।
  • घाव, कट या चोट को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगना भी मधुमेह का संकेत हो सकता है।
  • बार-बार संक्रमण होना, विशेष रूप से मसूड़ों या मूत्र पथ में संक्रमण होना संकेत है कि आप मधुमेह के शिकार हो सकते हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपको या बच्चे में इस तरह की कोई भी समस्या कुछ समय से बनी हुई है तो समय रहते किसी विशेषज्ञ से मिलकर स्थिति का निदान और उपचार जरूर प्राप्त कर लें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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