अक्सर जैसे ही आपकी नजर आपके हाथ पर बैठे किसी मच्छर पर पड़ती है तो झट से आपका दूसरा हाथ उसे मारने के लिए उठ जाता है। आपको डेंगू, मलेरिया जैसे जानलेवा बीमारियों के होने का खौफ सताने लगता है। रक क्या आप जानते हैं, पूरी दुनिया में मच्छरों की करीब 3500 प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि इनमें से ज़्यादातर नस्लें इसानों को बिल्कुल भी तंग नहीं करतीं। ये मच्छर पौधों और फलों के रस पर जिंदा रहते हैं। मच्छरों की केवल छह फीसद प्रजातियों की मादाएं अपने अंडों के विकास के लिए इंसानों का खून पीती हैं। इंसानों का खून पीने वाले इन मादा मच्छरों में से भी आधी ही अपने अंदर बीमारियों के वायरस लिए फिरती हैं। यानी कुल मिलाकर मच्छरों की केवल 100 नस्लें ही ऐसी हैं, जो इंसानों के लिए नुकसानदेह हैं। लेकिन, इनका इंसानियत पर बहुत ही भयानक असर पडता है।